West Champaran News: प्रखंड परिसर स्थित कृषि कार्यालय के सभा कक्ष में सोमवार को प्रखंड स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) विवेक कुमार ने की. इसमें खरीफ सीजन को देखते हुए उर्वरकों की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई.
बैठक में किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने पर जोर दिया गया.
निर्धारित मूल्य पर उर्वरक बेचने का निर्देश
बीएओ विवेक कुमार ने सभी लाइसेंसधारी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया कि किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराएं.
उन्होंने कहा कि यदि कालाबाजारी या कृत्रिम अभाव पैदा करने की शिकायत मिली तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि सभी उर्वरक विक्रेताओं की निगरानी के लिए टैगिंग की गई है.
बैठक में उठा यूरिया की कालाबाजारी का मुद्दा
बैठक के दौरान बीस सूत्री उपाध्यक्ष अशोक कुमार ओझा ने आरोप लगाया कि कुछ थोक डीलरों द्वारा यूरिया की कालाबाजारी की जा रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि दुकानदारों को सल्फर और जाइम के पैकेट जबरन दिए जा रहे हैं, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है.
जांच समिति गठित करने की बात
अशोक कुमार ओझा ने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित की जाएगी.
उन्होंने कहा कि जांच में यदि आरोप सही पाए गए तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी.
किसानों की समस्याओं पर भी हुई चर्चा
जिला परिषद सदस्य जगन्नाथ प्रसाद यादव ने किसानों की समस्याओं को बैठक में उठाते हुए कृषि विभाग और उर्वरक विक्रेताओं के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताई.
बैठक में बीस सूत्री अध्यक्ष मंकेश्वर दुबे, प्रखंड प्रमुख राजेंद्र बैठा, आत्मा अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी, जिला परिषद सदस्य जगन्नाथ प्रसाद यादव, सांसद प्रतिनिधि मनोज सिंह, उर्वरक विक्रेता और कृषि विभाग के कर्मी मौजूद रहे.
