Bagaha News: बगहा पुलिस जिले के चौतरवा थाना क्षेत्र में वर्ष 2016 में आठ वर्षीय अंकित यादव की गोली मारकर हत्या के प्रयास के चर्चित मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. अदालत ने प्रमोद प्रसाद और उसके पुत्र बिल्लू प्रसाद उर्फ राहुल कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. साथ ही दोनों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया.
सात गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोष सिद्ध
अपर लोक अभियोजक जितेंद्र भारती ने बताया कि मुकदमे के दौरान सात गवाहों की गवाही कराई गई. चिकित्सीय रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने माना कि प्रमोद प्रसाद ने देशी पिस्तौल से आठ वर्षीय अंकित यादव पर जानलेवा हमला किया था. वहीं उसका पुत्र बिल्लू प्रसाद उर्फ राहुल कुमार भी घटना में सक्रिय रूप से शामिल था.
तीन आरोपित साक्ष्य के अभाव में बरी
मामले में नामजद अन्य आरोपित गुड्डू प्रसाद, कौशल्या देवी और मुखी देवी के विरुद्ध पर्याप्त एवं ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं हो सके. इसके चलते अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए तीनों आरोपितों को बरी कर दिया.
पहले से हत्या के मामले में काट रहे हैं उम्रकैद
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि दोषी प्रमोद प्रसाद और बिल्लू प्रसाद उर्फ राहुल कुमार चौतरवा थाना कांड संख्या 345/2019 के हत्या के एक अन्य मामले में पहले से ही आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं और वर्तमान में जेल में बंद हैं. अदालत ने सजा निर्धारण के दौरान इस तथ्य को भी संज्ञान में लिया.
आर्म्स एक्ट में भी सुनाई गई अतिरिक्त सजा
अदालत ने प्रमोद प्रसाद को आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत तीन वर्ष के अतिरिक्त कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की भी सजा सुनाई. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि निर्धारित जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषियों को छह माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा. साथ ही जेल में पहले से बिताई गई अवधि का समायोजन नियमानुसार करने का निर्देश भी दिया गया.
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