Bettiah News: बेतिया सदर अंचल कार्यालय में जाली तथ्यों और कथित गलत गवाही के आधार पर पारिवारिक सदस्यता प्रमाणपत्र बनवाने का मामला सामने आया है. शिकायत के बाद हुई जांच में प्रमाणपत्र तैयार कराने की प्रक्रिया में विसंगतियां मिलने की बात सामने आई. इसके बाद मो. हारून के नाम से जारी पारिवारिक सदस्यता प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया गया. वहीं मामले में कालीबाग थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
Bettiah News: शिकायत के बाद शुरू हुई मामले की जांच
कालीबाग घुसुकपुर वार्ड संख्या-04 निवासी मो. अनवर की शिकायत पर अंचल कार्यालय की ओर से पूरे मामले की जांच कराई गई. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गलत गवाही और फर्जी तथ्यों के आधार पर पूर्व में पारिवारिक सदस्यता प्रमाणपत्र हासिल किया गया था.
जांच के दौरान प्रमाणपत्र से संबंधित दस्तावेजों और तथ्यों में विसंगतियां मिलने के बाद अंचल कार्यालय ने मो. हारून के नाम से जारी प्रमाणपत्र को रद्द कर दिया.
कई लोगों की गवाही पर उठे सवाल
अंचल कार्यालय की जांच में यह भी सामने आया कि प्रमाणपत्र बनवाने के लिए कई स्थानीय लोगों ने कथित रूप से भ्रामक एवं गलत गवाही दी थी. पत्र में अनवरी, जावेद अख्तर, शकीला खातून, अहमद हुसैन, मंसूर आलम, अब्दुल रहमान, नथुनी मियां, अब्बास, मो. एकराम, मो. अजमल, मो. असगर, रजिया खातून, प्रदीप आलम और अब्दुल लैस समेत कई लोगों के नाम दर्ज हैं.
पत्र के अनुसार, इनमें कुछ गवाहों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि जीवित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की अपेक्षा की गई है.
छह धाराओं में दर्ज हुआ केस
मामले को लेकर कालीबाग थाना में कांड संख्या 192/2026 दर्ज किया गया है. प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(2), 336(3), 337, 340(2) एवं 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है.
मामले के अनुसंधान की जिम्मेदारी पुलिस पदाधिकारी सुधीर प्रसाद को सौंपी गई है. पुलिस अब प्रमाणपत्र से जुड़े दस्तावेजों, गवाहों और इसे तैयार कराने की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है.
दोषियों की पहचान कर कार्रवाई का निर्देश
अंचल कार्यालय ने कालीबाग पुलिस से मामले की गहराई से जांच कर दोषियों को चिह्नित करने और उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने को कहा है. प्रमाणपत्र रद्द होने और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद फर्जी दस्तावेज एवं गलत गवाही के आधार पर सरकारी प्रमाणपत्र हासिल करने के आरोपों को लेकर मामला चर्चा में है.
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