बेतिया: बिहार में पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू होने के बाद अब अर्हता पूरी करने वाले आम लोग भी ई-निबंधन सेवा प्रदाता बन सकेंगे. निबंधन महानिरीक्षक कृष्ण चन्द्र गुप्ता ने सभी समाहर्त्ता-सह-जिला निबंधकों को योग्य इच्छुक व्यक्तियों से आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया है. इसके लिए जिले अपनी स्थानीय जरूरत के अनुसार आवेदन की तिथि निर्धारित करेंगे.
17 अगस्त से पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू
पत्र में बताया गया है कि राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों में 17 अगस्त 2026 से पेपरलेस निबंधन प्रणाली पूरी तरह लागू है. ई-निबंधन की बढ़ती संख्या को देखते हुए आम लोगों को निबंधन कार्य में सुगम और त्वरित सहयोग उपलब्ध कराने के लिए बिहार स्टाम्प (सेवा प्रदाता अनुज्ञप्ति एवं ई-स्टाम्प की आपूर्ति) नियमावली, 2026 के तहत नये सेवा प्रदाताओं को जोड़ा जाएगा.
4500 लोगों को मिल चुका है सेवा प्रदाता लाइसेंस
राज्य में 5000 से अधिक लाइसेंसधारी दस्तावेज नवीस और स्टांप विक्रेता हैं. इनमें करीब 4500 को अब तक सेवा प्रदाता का लाइसेंस दिया जा चुका है.
अब नियम-4(2) में निर्धारित अर्हता पूरी करने वाले अन्य इच्छुक व्यक्ति भी सेवा प्रदाता के लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकेंगे.
जांच के बाद मिलेगा लाइसेंस
निर्धारित अवधि में प्राप्त आवेदनों की जांच की जाएगी. जांच में योग्य पाये जाने वाले आवेदकों को नियमानुसार ई-निबंधन सेवा प्रदाता का लाइसेंस दिया जाएगा. इसके लिए संबंधित जिले अपनी स्थानीय जरूरत के अनुसार आवेदन की तिथि निर्धारित करेंगे.
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