जीएमसीएच में दुरुस्त होगा ड्रेनेज सिस्टम, बीएमएसआईसीएल को मिला जिम्मा

प्री माॅनसून बारिश और जल जमाव को ध्यान में रखते हुए जीएमसीएच में ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने काम का शुरु कर दिया गया है.

बेतिया. प्री माॅनसून बारिश और जल जमाव को ध्यान में रखते हुए जीएमसीएच में ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने काम का शुरु कर दिया गया है. भवन के साथ साथ परिसर में जलजमाव की स्थिति नहीं हो. साथ ही बेहतर तरीके से जल की निकासी हो सकें, इसे ध्यान में रखते हुए जीएमसीएच के ए, बी व सी ब्लॉक के ड्रेनेज सिस्टम का काम बिहार चिकित्सा सेवा एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) द्वारा शुरू कर दिया गया है. बरसात शुरु होने से पहले काम पूरा हो, इसको लेकर जीएमसीएच अधीक्षक डॉ सुधा भारती ने बीएमएसआईसीएल के उप प्रबंधक इमाम हुसैन के साथ बैठक कर ड्रेनेज सिस्टम व बायो मेडिकल वेस्ट पीट निर्माण को योजनाबद्ध तरीके से कराने की बात कहीं. ताकि बरसात के दिनों में 29.83 एकड़ भूभाग में फैले जीएमसीएच में जल जमाव की स्थिति नहीं बनें. फिलहाल ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण जीएमसीएच में पूर्वी गेट के समीप से चल रहा है. जो पूरी तरह से अंडरग्राउंड होगा. बेहतर डिजाइन व आधुनिक तकनीक का भी ध्यान रखा गया है. — मेडिवेस्ट व कूड़ा-कचरा के लिए अलग-अलग बनेगा पीट

अधीक्षक डॉ सुधा भारती ने बताया कि अस्पताल से निकलने वाले मेडिवेस्ट व कूड़ा-कचरा के लिए अलग-अलग पीट बनाया जाएगा. इसको लेकर अस्पताल परिसर में जगह को चिन्हित किया गया है. पीट निर्माण में यह ध्यान दिया जाएगा कि वह खुला नहीं हो. क्योंकि मेडिवेस्ट व कूड़ा-कचरा में कुत्ता-सुअर का जमावड़ा रहता है, जो उसे इधर-उधर इसे बिखेर देते हैं. जिससे अस्पताल में गंदगी नजर आती है और संक्रमण का खतरा बना रहता है. अलग-अलग पीट होने से मेडिवेस्ट निस्तारण करने वाली एजेंसी को व कूड़ा-कचरा उठाव करने में सफाई कर्मियों को भी किसी तरह की परेशानी नहीं रहेगी. वे व्यवस्थित तरीके से इसका उठाव कर पायेंगे. वैसे अबतक मेडिकल वेस्ट को जीविका रसोई के समीप खुले में फेंका जा रहा है. जिस पर दिन रात कुत्ते व सुअर के झूंड मंडराते रहते हैं.

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Author: SATISH KUMAR

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