Bettiah News: बेतिया. जिले के 659 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में विद्यार्थियों का APAAR कार्ड बनाने में लापरवाही सामने आने के बाद समग्र शिक्षा अभियान के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी दीपक कुमार सिन्हा ने संबंधित स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा है. विभागीय आंकड़ों के अनुसार निजी विद्यालयों में नामांकित विद्यार्थियों में अब तक सिर्फ 46.65 प्रतिशत का ही APAAR के आधार पर सत्यापन हो पाया है. डीपीओ ने स्कूलों को तत्काल प्रक्रिया पूरी करने और निर्धारित समय में लिखित जवाब देने का निर्देश दिया है.
निजी स्कूलों में सिर्फ 46.65 प्रतिशत छात्रों का APAAR सत्यापन
डीपीओ दीपक कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में नामांकित छात्र-छात्राओं में से मात्र 46.65 प्रतिशत का APAAR कार्ड के आधार पर सत्यापन हो सका है. विभागीय लक्ष्य की तुलना में यह आंकड़ा काफी कम है. वहीं करीब 80 प्रतिशत विद्यार्थियों का आधार कार्ड बना हुआ है.
आधार नहीं बनने से APAAR कार्ड में आ रही परेशानी
समीक्षा के दौरान सामने आया कि बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का आधार कार्ड अभी तक नहीं बना है. आधार कार्ड नहीं होने के कारण ऐसे बच्चों का APAAR कार्ड तैयार करने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है.
विभाग ने इसे विद्यालय स्तर पर बरती जा रही लापरवाही से जोड़ते हुए सभी निजी स्कूलों को अपने स्तर से स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया है.
आधार सत्यापित बच्चों का 24 घंटे में करें APAAR अपलोड
डीपीओ ने निर्देश दिया है कि जिन विद्यार्थियों का आधार कार्ड पहले से सत्यापित है, उनका APAAR कार्ड अगले 24 घंटे के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए.
वहीं जिन बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना है, उनके अभिभावकों से संपर्क कर प्राथमिकता के आधार पर आधार बनवाने की प्रक्रिया पूरी कराने का निर्देश दिया गया है.
तीन दिन में देना होगा लिखित स्पष्टीकरण
विभाग ने सभी चिन्हित निजी विद्यालयों को तीन दिन का समय दिया है. स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को लिखित रूप से बताना होगा कि अब तक विद्यार्थियों का APAAR कार्ड क्यों नहीं बन पाया है और सत्यापन की स्थिति विभागीय लक्ष्य से पीछे क्यों है.
निर्देश नहीं माना तो मान्यता और U-DISE कोड होगा निरस्त
विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में निर्देशों का पालन नहीं करने वाले निजी विद्यालयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. संबंधित विद्यालयों की मान्यता रद्द करने के साथ उनका U-DISE कोड भी निरस्त किया जा सकता है.
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