West Champaran News: वाल्मीकिनगर. सावन की दूसरी सोमवारी पर वाल्मीकिनगर स्थित नारायणी संगम तट आस्था के महासैलाब का गवाह बना. नेपाल, उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 50 हजार शिवभक्तों ने नारायणी नदी में पवित्र स्नान कर जल भरा और भगवान शिव का जलाभिषेक किया. सोमवार तड़के चार बजे से ही कांवरियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था. हर-हर महादेव, बोल बम और राम नाम संकीर्तन के जयघोष से पूरा वाल्मीकिनगर शिवमय नजर आया.
Valmikinagar News: नारायणी संगम पर उमड़ी 50 हजार श्रद्धालुओं की भीड़
कालेश्वर घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही. कांवरियों ने नारायणी नदी में स्नान कर पवित्र जल भरा और जटाशंकर धाम की ओर रवाना हुए. डीजे की धुन, राम नाम संकीर्तन और बोल बम के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा.
कालेश्वर से जटाशंकर धाम तक लगी लंबी कतार
नारायणी नदी से जल लेकर कांवरियों के जटाशंकर धाम पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा. कालेश्वर मंदिर से जटाशंकर मंदिर तक जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही. जटाशंकर मंदिर के महंत बाबा खाटू श्याम पुरी ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रही.
उन्होंने बताया कि सुबह चार बजे से ही मंदिर परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं थी. अनुमानित 40 से 50 हजार श्रद्धालुओं ने जटाशंकर बाबा के दर्शन और जलाभिषेक किए.
भारी भीड़ के बावजूद नहीं बनी भगदड़ की स्थिति
श्रद्धालुओं की भारी संख्या के बावजूद प्रशासन और पुलिस की बेहतर व्यवस्था के कारण कहीं भी भगदड़ जैसी स्थिति नहीं बनी. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी. महिला श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बल को भी तैनात किया गया.
24 घंटे अखंड अष्टयाम और भंडारे का आयोजन
जटाशंकर मंदिर परिसर में रविवार से 24 घंटे अखंड अष्टयाम और भंडारे का आयोजन किया गया. इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया. महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही. धार्मिक अनुष्ठान और भंडारे के कारण मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्तिमय माहौल बना रहा.
नदी में नाव से की गई निगरानी
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन, पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के जवान पूरी तरह अलर्ट रहे. नारायणी संगम तट पर स्नान के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने नाव के माध्यम से नदी में पेट्रोलिंग की और घाटों पर लगातार निगरानी रखी. तेज बहाव वाले स्थानों पर श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की सलाह भी दी गई.
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