Bettiah News: लौरिया प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत देऊरवा वार्ड संख्या नौ से होकर गुजरने वाला देऊरवा-तेलपुर मुख्य संपर्क मार्ग देखरेख के अभाव में पूरी तरह बदहाल हो चुका है. सड़क पर जगह-जगह बने जानलेवा गड्ढों और उनमें जमा गंदे पानी के कारण राहगीरों का आवागमन दूभर हो गया है. सड़क की खस्ताहाली और प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज स्थानीय ग्रामीणों ने बुधवार को मुख्य मार्ग पर एकत्रित होकर जोरदार प्रदर्शन किया तथा सड़क के अविलंब जीर्णोद्धार की मांग उठाई. ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद सड़क की सुध नहीं ली जा रही है.
गड्ढों में तब्दील हुई सड़क, स्कूली बच्चों और ई-रिक्शा चालकों की आफत
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीण नेहाल अहमद, मृत्युंजय कुमार, राहुल कुमार, मासूम खान, रंजीत कुमार, राजा पांडेय, तबरेज अंसारी, अतिकुल्लाह अंसारी, विश्वनाथ साह और सेराज अहमद ने अपनी पीड़ा साझा की. ग्रामीणों ने बताया कि हालिया बरसात के बाद सड़क की हालत बद से बदतर हो गई है. बड़े-बड़े गड्ढों में वर्षा का पानी भर जाने से सड़क और गड्ढे का अंतर खत्म हो गया है, जिससे आए दिन दोपहिया चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं. सबसे गंभीर संकट स्कूली वाहनों, टोटो व ई-रिक्शा चालकों के सामने खड़ा हो गया है, जिनके पलटने का खतरा हर पल बना रहता है.
शिकायत के बाद भी नहीं मिला स्थायी समाधान
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का आरोप है कि देऊरवा और तेलपुर को जोड़ने वाला यह एक प्रमुख संपर्क पथ है, जिससे रोजाना सैकड़ों लोगों की आवाजाही होती है. क्षेत्र में बीमार व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने के दौरान भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक पदाधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर स्थायी समाधान की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जिससे लोगों में भारी रोष पनप रहा है.
संवेदक की मेंटेनेंस अवधि खत्म, नई डीपीआर भेजी गई
सड़क की दुर्दशा और ग्रामीणों के विरोध को लेकर ग्रामीण कार्य विभाग के कनीय अभियंता रजत कुमार ने स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने बताया कि संबंधित सड़क निर्माण एजेंसी व संवेदक का पांच वर्षों का रखरखाव (मेंटेनेंस) टर्म पूरा हो चुका है. इस कारण नियमित मरम्मत कार्य बाधित हुआ था. उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए बताया कि सड़क के दोबारा पूर्ण निर्माण के लिए विस्तृत कार्य योजना (डीपीआर) तैयार कर विभागीय स्वीकृति हेतु उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है. प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति मिलते ही निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा.
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