Ramnagar News: नगर के सबसे व्यस्त अंबेडकर मुख्य चौक और अस्थायी बस स्टैंड के पास बनने वाला डीलक्स सुलभ शौचालय दो विभागों के बीच भूमि को लेकर चल रहे विवाद में फंस गया है. इसका असर रोजाना यहां आने-जाने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ रहा है, जिन्हें सार्वजनिक शौचालय की सुविधा नहीं मिल पा रही है.
सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को हो रही है.
तीन दशक पहले मिली थी मंजूरी
जानकारी के अनुसार, 1990 में जिला विकास परिषद की बैठक में सार्वजनिक शौचालय निर्माण को मंजूरी दी गई थी.
इसके बाद पूर्व विधायक चन्द्रमोहन राय की अनुशंसा पर 1993 में पीएचसी परिसर में शौचालय का निर्माण कराया गया. कई वर्षों तक इसका संचालन नगर पंचायत के माध्यम से होता रहा.
2023 में शुरू हुई नई योजना, फिर रुक गया काम
बाद में नगर परिषद ने यहां आधुनिक डीलक्स सुलभ शौचालय बनाने की योजना तैयार की.
फरवरी 2023 में तत्कालीन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चन्द्रभूषण ने अस्पताल की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) भी जारी किया. इसके बाद अक्टूबर 2023 में त्रिवेणी नहर विभाग के अनुरोध पर नगर परिषद ने 48 अतिक्रमणकारियों को हटाकर भूमि खाली कराई और पीएचसी की सुरक्षा के लिए चारदीवारी का निर्माण भी शुरू कराया.
हालांकि, बाद में जिला परिषद द्वारा भूमि पर दावा किए जाने के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया.
जनप्रतिनिधियों ने उठाई निर्माण शुरू कराने की मांग
सभापति प्रतिनिधि नागेंद्र साह ने कहा कि जब वर्षों तक इसी स्थान पर सार्वजनिक शौचालय संचालित होता रहा और त्रिवेणी नहर विभाग राजस्व भी वसूलता रहा, तब किसी विभाग ने आपत्ति नहीं जताई.
उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्य को विभागीय विवाद के कारण रोकना उचित नहीं है.
नगर परिषद बोली- समाधान के लिए हो रहा समन्वय
सभापति गीता देवी, उपसभापति श्वेता सिंह, ब्रांड एम्बेसडर सदाकांत शुक्ल, पार्षद राकेश सिंह राजपूत समेत कई जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने विवाद समाप्त कर जल्द निर्माण शुरू कराने की मांग की है.
वहीं, कार्यपालक पदाधिकारी मुकेश कुमार ने कहा कि स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त नगर के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए वरीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है.
सभापति गीता देवी ने भी कहा कि महिलाओं की सुविधा नगर परिषद की प्राथमिकता है और विभागीय स्तर पर आवश्यक पहल कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है.
