Court Life Imprisonment: जिले के चौतरवा थाना क्षेत्र के बहुचर्चित गोलीकांड मामले में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ (बगहा) मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने प्रमोद प्रसाद और उसके पुत्र बिल्लू प्रसाद उर्फ राहुल कुमार को हत्या के प्रयास का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
1-1 लाख रुपये का जुर्माना, 3 अन्य आरोपी बरी
अदालत ने दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. वहीं साक्ष्यों के अभाव में तीन अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया.
- सजा पाने वाले दोषी: प्रमोद प्रसाद और उसका पुत्र बिल्लू प्रसाद उर्फ राहुल कुमार.
- बरी हुए आरोपी: साक्ष्य के अभाव में कौशल्या देवी, मुखी देवी उर्फ प्रियंका देवी तथा गुड्डू प्रसाद उर्फ राजकुमार को आरोपों से मुक्त कर दिया गया.
- अतिरिक्त सजा: प्रमोद प्रसाद को आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत 3 वर्ष के अतिरिक्त कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई.
हथियार से हमला और चिकित्सीय रिपोर्ट बनी आधार
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने बताया कि प्रमोद प्रसाद ने देशी पिस्तौल से फायरिंग कर अंकित कुमार को गंभीर रूप से घायल किया था, जिसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट में भी हुई. वहीं बिल्लू प्रसाद ने फरसा और भाला से हमला किया था.
आपराधिक पृष्ठभूमि के कारण मिली कठोर सजा
सजा के बिंदु पर सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि दोनों दोषी पहले से ही चौतरवा थाना कांड संख्या 345/2019 के एक हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. उनकी गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए अदालत ने यह सख्त फैसला सुनाया. इस फैसले से क्षेत्र में Court Life Imprisonment की चर्चा जोरों पर है.
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