Bagaha News: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी एवं महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती गुरुवार को बगहा के नरईपुर वार्ड संख्या-12 में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई. इस अवसर पर श्रद्धांजलि सभा और विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने चंद्रशेखर आज़ाद के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया.
आज़ाद के बलिदान को किया याद
वक्ताओं ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद का जन्म 23 जुलाई 1906 को मध्य प्रदेश के भाबरा (वर्तमान आज़ाद नगर) में हुआ था. उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया और ब्रिटिश शासन के खिलाफ क्रांतिकारी आंदोलन को नई दिशा दी. हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के प्रमुख क्रांतिकारियों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही.
राष्ट्रभक्ति का दिया संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने चंद्रशेखर आज़ाद के प्रसिद्ध नारे "दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आज़ाद ही रहे हैं, आज़ाद ही रहेंगे" का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन आज भी युवाओं को राष्ट्रभक्ति, साहस और त्याग की प्रेरणा देता है. युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाकर देश और समाज की सेवा करने की अपील की गई.
युवाओं ने लिया सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम में आशीष मिश्रा उर्फ रौशन बाबा, दीपक कुमार, रोहित पटेल, आदित्य कुमार, साहिल लहेरा, संजीत कुमार, करण कुमार, छोटू चौधरी, बल्लू सिंह, गोपाल माली, शिवम ठाकुर सहित अन्य युवाओं ने भाग लिया. सभी ने राष्ट्रहित, सामाजिक सेवा और चंद्रशेखर आज़ाद के आदर्शों पर चलकर देश के विकास में योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया.
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