योगापट्टी से समीर वाजपेयी की रिपोर्ट
Bihar Migrant Worker News: पश्चिम चंपारण के योगापट्टी प्रखंड के एक युवक की मध्य प्रदेश में कार्य के दौरान हुई मौत से गांव में शोक की लहर है. शुक्रवार को जैसे ही युवक का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा, परिजनों के बीच कोहराम मच गया. ग्रामीणों की बड़ी संख्या मृतक के घर पहुंची और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी.
मृतक की पहचान दरवलिया पंचायत के पड़रोन गांव निवासी स्वर्गीय रामायन मुखिया के 22 वर्षीय पुत्र अवधेश मुखिया के रूप में हुई है.
उज्जैन में कार्य के दौरान हुआ हादसा
परिजनों के अनुसार अवधेश मुखिया पिछले सात वर्षों से मध्य प्रदेश में रहकर मजदूरी कर रहे थे. वह एमकेसी इंफ्रा लिमिटेड कंपनी में ठेकेदार असार उल हक के माध्यम से कार्यरत थे.
बताया गया कि उज्जैन जिले के भैरवगढ़ थाना क्षेत्र स्थित कैलाश नगर में कंपनी के प्लांट में काम के दौरान बुधवार को हादसा हो गया. कथित तौर पर कंपनी के एक वाहन के नीचे दब जाने से उनकी मौत हो गई.
घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम कराया. इसके बाद शुक्रवार को शव गांव पहुंचाया गया.
शादी की तैयारियों के बीच छिन गया परिवार का सहारा
मृतक के बड़े भाई अशोक मुखिया ने बताया कि अवधेश परिवार के कमाऊ सदस्यों में शामिल थे. वह तीन भाइयों में मंझले थे और उनकी शादी नौतन प्रखंड के मच्छरगांवा क्षेत्र में तय हो चुकी थी.
परिवार में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन अचानक हुए हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया.
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शव पहुंचते ही गम में डूबा गांव
शव के गांव पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. मां, भाइयों और अन्य परिजनों के विलाप से माहौल गमगीन हो गया. अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक मृतक के घर पहुंचे. पूरे गांव में शोक का माहौल देखा गया.
मुआवजे और सहायता की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय समाजसेवी प्रिंस कुमार मिश्रा मृतक के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की.
उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, इसलिए कंपनी प्रबंधन और सरकार को मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा और सहायता उपलब्ध करानी चाहिए. इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी शशिभूषण कुमार से भी परिवार को सरकारी सहायता दिलाने की मांग की गई है.
श्रमिकों की सुरक्षा पर उठे सवाल
अवधेश मुखिया की मौत के बाद ग्रामीणों ने बाहर राज्यों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है. लोगों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों और कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
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