जांच कमेटी बनते ही बेतिया राज की छह एकड़ जमीन पर हलचल, जमाबंदी के ऑनलाइन रिकॉर्ड से खाता-खेसरा गायब

बेतिया अंचल में 6 एकड़ बेतिया राज भूमि के कथित फर्जीवाड़े की जांच शुरू हो गई है। जमाबंदी में हेराफेरी के मामले में डीएम के संज्ञान में आने के बाद अंचल कार्यालय में हलचल तेज है।

बेतियाराज भूमि फर्जीवाड़ा: बेतिया अंचल में अभिलेखों में कथित हेराफेरी कर बेतिया राज की करीब छह एकड़ जमीन का परिमार्जन कर जमाबंदी कायम करने के मामले में जांच कमेटी गठित होते ही अंचल कार्यालय में हलचल तेज हो गयी है. मामला जिलाधिकारी तरनजोत सिंह के संज्ञान में आने के बाद संबंधित अभिलेखों को दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी गयी है. वहीं, अगस्त माह में परिमार्जन के माध्यम से कायम की गयी जमाबंदी के खाता-खेसरा को ऑनलाइन रिकॉर्ड में पुनः शून्य कर दिया गया है.

पूर्वी करगहिया का है मामला

सूत्रों के अनुसार, बेतिया अंचल के मौजा पूर्वी करगहिया में जमाबंदी संख्या 105 का संधारण है. पूर्व के मैनुअल रजिस्टर-2 में यह जमाबंदी दर्ज है. बाद में इसी जमाबंदी की वेब कॉपी में हाथ से विभिन्न खाता-खेसरा अंकित किये जाने की बात सामने आयी. इसके बाद अगस्त माह में परिमार्जन के माध्यम से जमाबंदी में सुधार करते हुए अलग-अलग खाता-खेसरा की करीब छह एकड़ भूमि दर्ज कर दी गयी.

डीएम के संज्ञान में आते ही ऑनलाइन रिकॉर्ड बदला

मामला डीएम के संज्ञान में आने के बाद जमाबंदी संख्या 105 में ऑनलाइन अंकित किये गये संबंधित खाता-खेसरा को शून्य कर दिया गया है. हालांकि, ऑनलाइन रिकॉर्ड में पूर्ण रकबा अब भी 53 डिसमिल दर्शाया जा रहा है. ऐसे में जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि अभिलेखों में खाता-खेसरा दर्ज करने की प्रक्रिया में किन स्तरों पर अनियमितता हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.

500 एकड़ से अधिक जमीन पर जमाबंदी का आरोप

बताया जाता है कि कोर्ट ऑफ वार्ड्स के अधीन आने के बाद केवल बेतिया अंचल में ही बेतिया राज की 500 एकड़ से अधिक भूमि पर कथित रूप से गलत तरीके से विभिन्न रैयतों के नाम जमाबंदी कायम किये जाने के मामले सामने आते रहे हैं. बेतिया शहर के एक बड़े हिस्से में भी बेतिया राज की जमीन बतायी जाती है. इन जमीनों पर कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से लेकर आवासीय भवन तक बने हुए हैं.

अंचल में संधारित मैनुअल एवं वेब कॉपी व ऑनलाइन कौपी पहले का अब का | Prabhat Khabar Network
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लेखक के बारे में

By अवध किशोर तिवारी

अवध किशोर तिवारी तीन दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इन्होंने हिंदी दैनिक राष्ट्रीय सहारा के दिल्ली संस्करण से करियर की शुरुआत की. वर्तमान में वर्ष 2018 से प्रभात खबर के बेतिया ब्यूरो कार्यालय से जुड़े हैं. सामाजिक, अपराध, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है

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