अंधेरे में डूबा बेतिया रेलवे स्टेशन, दो हाई-मास्ट लाइट बंद, बढ़ी यात्रियों की परेशानी

पश्चिम चंपारण के मुख्य रेल द्वार बेतिया स्टेशन पर दो हाई-मास्ट लाइट बंद रहने से रात में अंधेरा और यात्रियों की परेशानी बढ़ी है. जमीन पर पड़े सेफ्टी रेड बल्ब ने भी सवाल खड़े किए हैं. रेलवे ने इस सप्ताह लाइट चालू करने का आश्वासन दिया है.

बेतिया रेलवे स्टेशन: पश्चिम चंपारण का मुख्य रेल द्वार कहे जाने वाला बेतिया रेलवे स्टेशन इन दिनों रात के समय पर्याप्त रोशनी के अभाव से जूझ रहा है. यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के दावों के बीच स्टेशन परिसर में पहले से लगी दो हाई-मास्ट लाइट लंबे समय से बंद पड़ी हैं. इसके कारण रात में स्टेशन के यार्ड और आसपास के कुछ हिस्सों में अंधेरा बना रहता है, जिससे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है.

हाई-मास्ट लाइट सामान्य तौर पर बड़े क्षेत्र में एकसमान रोशनी के लिए लगाई जाती हैं. लेकिन बेतिया स्टेशन की दोनों महत्वपूर्ण लाइटों के बंद रहने से यात्रियों ने सुरक्षा और सुविधा को लेकर चिंता जताई है.

जमीन पर पड़ा मिला सेफ्टी रेड बल्ब

मामले में चिंता की एक और वजह हाई-मास्ट पर लगाया जाने वाला ब्लिंकिंग सेफ्टी रेड बल्ब भी है, जो इस समय जमीन पर पड़ा बताया जा रहा है. स्थानीय लोगों ने इसे सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए जल्द ठीक करने की मांग की है.

रात के समय ऊंचे ढांचों की पहचान के लिए लगाए जाने वाले इस प्रकार के चेतावनी संकेतक का अपने नियत स्थान पर नहीं होना चिंता का विषय है. यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि इसे भी जल्द वापस स्थापित किया जाए.

अंधेरे में यात्रियों की बढ़ी परेशानी

हाई-मास्ट लाइट बंद रहने के कारण रात में स्टेशन परिसर और यार्ड के कुछ हिस्सों में आने-जाने में परेशानी हो रही है. खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को रात के समय स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार करने और एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है.

स्थानीय यात्रियों का कहना है कि अंधेरे के कारण स्टेशन परिसर में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों और अप्रिय घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है. यात्रियों के अनुसार, बेतिया जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर रात के समय बेहतर प्रकाश व्यवस्था होना जरूरी है.

रेल भवन निर्माण के कारण हो रही तकनीकी दिक्कत

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बेतिया रेलवे स्टेशन पर रेल भवन निर्माण को लेकर विद्युत पोल की शिफ्टिंग का काम चल रहा है. इसी प्रक्रिया के दौरान कुछ तकनीकी गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिन्हें ठीक किया जा रहा है.

एसएसई रेलवे नरकटियागंज जंक्शन प्रशांत मिश्रा ने बताया कि विद्युत पोल शिफ्टिंग के क्रम में तकनीकी समस्याओं को दुरुस्त किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस सप्ताह दोनों हाई-मास्ट लाइट चालू कर दी जाएंगी.

यात्रियों को अब रोशनी बहाल होने का इंतजार

दोनों हाई-मास्ट लाइट बंद रहने से रात के समय यात्रियों की परेशानी बनी हुई है. अब रेलवे के इस सप्ताह दोनों लाइटों को चालू करने के दावे के बाद लोगों को स्टेशन परिसर में रोशनी बहाल होने का इंतजार है.

यात्रियों और स्थानीय नागरिकों ने रेल प्रशासन से मांग की है कि दोनों हाई-मास्ट लाइट को जल्द चालू करने के साथ जमीन पर पड़े सेफ्टी रेड बल्ब को भी उसके नियत स्थान पर लगाया जाए, ताकि स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी व्यवस्था बेहतर हो सके.

यह भी पढ़ें:

रक्षाबंधन पर लौरिया में थमी जिंदगी की रफ्तार, चारों ओर गाड़ियों का रेला, घंटों तक महाजाम


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मधुकर मिश्रा

मधुकर मिश्र ने 1986 में आकाश मार्ग हिंदी दैनिक देवरिया उत्तर प्रदेश से पत्रकारिता की शुरुआत की थी. इसके बाद में दिल्ली और पटना से एक साथ प्रकाशित संध्या प्रहरी, आज, नवभारत टाइम्स में कार्य किए. इस क्रम में पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय बेतिया में दैनिक जागरण के ब्यूरो चीफ रह चुके हैं. वर्तमान में बेतिया प्रभात खबर हिंदी दैनिक सह मल्टीमीडिया कार्यालय से जुड़कर कार्य कर रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >