Bettiah News: उम्र भले ही बढ़ जाए, लेकिन सीखने की चाह और सृजन की ऊर्जा कभी खत्म नहीं होती. इसी सोच को साकार करते हुए समाज कल्याण विभाग (बिहार सरकार) द्वारा संचालित बेतिया बड़ा रमना स्थित वृद्धाश्रम “सहारा” (पश्चिम चम्पारण) में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक खास स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें बुजुर्गों को पेपर क्राफ्ट के तहत पेपर बैग और ठोंगा निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया. कार्यक्रम में वृद्धजनों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर साबित कर दिया कि नई शुरुआत के लिए कोई उम्र मायने नहीं रखती.
रंग-बिरंगे कागजों से बिखरे सकारात्मक जीवनशैली के रंग
उमंग बाल विकास आवासीय विकलांग प्रशिक्षण संस्थान पटना द्वारा संचालित इस वृद्धाश्रम में आरोही कला संस्कृति वेलफेयर ट्रस्ट के प्रशिक्षकों ने बुजुर्गों को हुनर सिखाया. प्रशिक्षण के दौरान बुजुर्ग रंग-बिरंगे कागजों से उपयोगी वस्तुएं बनाते नजर आए. कई बुजुर्गों ने पहली बार इस तरह का हस्तशिल्प सीखते हुए खुशी जताई. उन्होंने कहा कि इससे समय का सदुपयोग होने के साथ-साथ मानसिक शांति और प्रसन्नता भी मिलती है.
आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की अनोखी पहल
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी गतिविधियां वरिष्ठ नागरिकों को मानसिक रूप से सक्रिय रखने और अकेलेपन को दूर करने में मददगार होती हैं. साथ ही, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की दिशा में यह पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा एक बेहतरीन कौशल है. मौके पर संस्था के अधीक्षक आदित्य मधुकर, प्रभात झा, कुंदन शांडिल्य और मास्टर ट्रेनर संतोष आनंद सहित कई लोग मौजूद रहे.
बेतिया से मधुकर मिश्रा की रिपोर्ट
