Bettiah News: पश्चिम चंपारण जिले के मैनाटांड़ प्रखंड क्षेत्र से बिजली विभाग की एक बेहद डरावनी और जानलेवा लापरवाही सामने आई है. प्रखंड के बभनौली गांव से दक्षिण दिशा में स्थित सरेह (खेतों) में, मुख्य हाईवे सड़क से ठीक पश्चिम की ओर से गुजरने वाली 11 हजार वोल्ट (11 KV) की हाई-टेंशन विद्युत लाइन का एक पोल विगत कई महीनों से एक तरफ खतरनाक तरीके से झुका हुआ है. इस महा-खतरे के कारण स्थानीय ग्रामीणों, राहगीरों और खेतों में काम करने वाले किसानों के बीच हर समय खौफ और खलबली का माहौल बना हुआ है.
कभी भी आ सकती है महा-तबाही
बभनौली सरेह के सजग और डरे हुए किसानों— महंथ साह, प्रेम किशोर यादव, लालबाबू पटेल, बिजली यादव, शिवनाथ प्रसाद, जितेंद्र शर्मा और रंजू साह आदि ने ग्राउंड जीरो पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बिजली का यह भारी-भरकम पोल काफी दिनों से टेढ़ा होकर एक तरफ लटक रहा है.
पोल झुकने के कारण उसके ऊपर से गुजरने वाले 11 हजार वोल्ट के नंगे और बेहद शक्तिशाली तार भी नीचे की ओर काफी ज्यादा झूल रहे हैं. हवा के हल्के झोंकों से भी ये तार आपस में टकराकर चिंगारियां उगलते हैं, जिससे खेतों में खड़ी फसलों में आग लगने और किसी भी राहगीर की चपेट में आने का खतरा दोगुना हो गया है.
तेज हवा और बारिश ने बढ़ाई चिंता
ग्रामीणों के अनुसार, उक्त सरेह और उसके बगल से गुजरने वाला रास्ता बेहद व्यस्त है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों किसानों और आम राहगीरों का आना-जाना लगा रहता है. वर्तमान में खेती-गृहस्थी का सीजन होने के कारण सुबह से लेकर शाम तक दर्जनों मजदूर और किसान खेतों में जुताई, बुवाई और पटवन का काम करते हैं.
मौसम के बदलते मिजाज के बीच कड़कड़ाती धूप, अचानक तेज हवा या भारी बारिश के दौरान किसानों की धड़कनें तेज हो जाती हैं. उन्हें हमेशा यह डर सताता रहता है कि गीली मिट्टी होने के कारण कहीं यह भारी पोल अचानक भरभरा कर गिर न जाए. किसानों ने आक्रोशित लहजे में कहा कि यदि समय रहते विभाग द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यहाँ मुजफ्फरपुर या दरभंगा जैसी कोई बड़ी और रूह कपां देने वाली मानवीय दुर्घटना घटित हो सकती है.
संवेदक (ठेकेदार) के भरोसे चल रहा है विभाग
स्थानीय ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने बिजली विभाग के आला अधिकारियों से अविलंब इस जानलेवा पोल की मरम्मत कराने, तारों को कसने अथवा इसकी जगह नया और मजबूत पोल स्थापित करने की पुरजोर मांग की है.
जब इस बेहद संवेदनशील और आसन्न खतरे को लेकर मैनाटांड़ के कनीय अभियंता (जेई) देव ऋषि से बात की गई, तो उन्होंने सरकारी ढर्रे वाला रटा-रटाया जवाब देते हुए कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और संबंधित संवेदक (ठेकेदार) को पोल को सीधा करने तथा तारों को दुरुस्त करने के लिए कड़ा निर्देश दिया गया है. उन्होंने दावा किया कि जल्द ही इसे ठीक कर लिया जाएगा. बहरहाल, अब देखना यह है कि विभाग किसी बड़ी अनहोनी के बाद जागता है या वक्त रहते बभनौली के किसानों को इस खौफ से मुक्ति मिलती है.
मैनाटांड़ से रंजीत कुमार पटेल
