बेतिया शिक्षा विभाग में बवाल, वेतन निर्धारण के नाम पर अवैध वसूली का आरोप, DEO ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश

Bettiah News: बेतिया में वेतन निर्धारण और सेवा पुस्तिका सत्यापन के नाम पर अवैध उगाही का बड़ा मामला सामने आया है. आरोपित शिक्षकों ने DEO को सौंपे जवाब में एकता मंच के नेताओं पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है. जिला स्तर पर जांच शुरू.

Bettiah News: पश्चिम चंपारण के जिला मुख्यालय बेतिया से शिक्षा विभाग के भीतर चल रही गुटबाजी और कथित भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है. जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) रविन्द्र कुमार द्वारा स्पष्टीकरण पूछे जाने के बाद, आरोपित शिक्षकों ने एकजुट होकर सामूहिक रूप से अपनी कारण पृच्छा (जवाब) दाखिल की है. शिक्षकों ने न केवल अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज किया है, बल्कि कतिपय शिक्षक नेताओं पर ही डिजिटल और भौतिक रूप से मानसिक प्रताड़ना और अवैध उगाही का संगीन आरोप मढ़ दिया है.

शिक्षकों के इस आक्रामक रुख और सामूहिक स्पष्टीकरण के बाद अब पूरे बेतिया शिक्षा महकमे में खलबली मच गई है.


एकता मंच के नेताओं पर अवैध उगाही का संगीन आरोप

दर्जनभर से अधिक आरोपित शिक्षकों द्वारा DEO को सौंपे गए संयुक्त आवेदन में विस्तार से इस पूरी साजिश का उल्लेख किया गया है. शिक्षकों का कहना है कि वे सभी पूरी तरह से नियमानुकूल प्रक्रिया के तहत अपने दस्तावेज और सेवा पुस्तिका उपलब्ध कराने पहुंचे थे. उनकी ओर से कार्य में कोई लापरवाही या त्रुटि नहीं की गई थी.

स्पष्टीकरण में लगाए गए मुख्य आरोप:

  • कार्यालय में दबाव: मझौलिया के कन्या मध्य विद्यालय में सेवा पुस्तिका सत्यापन और वेतन निर्धारण के काम के लिए शिक्षकों को विद्यालय कार्यालय बुलाया गया था.
  • आर्थिक मांग: कार्यालय पहुंचने पर ‘एकता मंच’ से जुड़े कुछ रसूखदार शिक्षक नेताओं द्वारा काम पूरा कराने के एवज में अवैध आर्थिक मांग की गई.
  • काम रोकने की धमकी: आरोप है कि एक प्रमुख शिक्षक नेता द्वारा बकायदा आर्थिक उगाही के लिए दबाव बनाया गया और मांग पूरी न होने पर वेतन निर्धारण कार्य में रोड़ा अटकाने की खुली धमकी दी गई.

28 सर्विस बुक की जब्ती और BEO की भूमिका पर उठते सवाल

इस पूरे घटनाक्रम में मझौलिया के कन्या मध्य विद्यालय से 28 सेवा पुस्तिकाओं (Service Books) की जब्ती का मामला सबसे अधिक तूल पकड़ता जा रहा है. इस पूरी प्रशासनिक विसंगति को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:

मुख्य जांच का विषयघटनाक्रम और विसंगति का विवरणजांच के घेरे में आई भूमिका
सेवा पुस्तिका जब्तीकन्या मध्य विद्यालय से 28 सर्विस बुक को अचानक जब्त किया गया.प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) की कार्यशैली और भूमिका पर गंभीर सवाल.
शिक्षकों का आर्थिक हितवेतन निर्धारण लंबित रहने से दर्जनों शिक्षकों का वित्तीय लाभ और एरियर रुका हुआ है.जिला स्तर की विशेष जांच टीम द्वारा दस्तावेजों का पुनः भौतिक सत्यापन.
शिक्षकों की मांगमामले की अविलंब उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.एकता मंच के चिन्हित पदाधिकारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी एक्शन.

जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) का आधिकारिक वक्तव्य: जिला शिक्षा अधिकारी रविन्द्र कुमार ने शिक्षकों द्वारा सौंपे गए इस सामूहिक आवेदन और स्पष्टीकरण की प्राप्ति को स्वीकार किया है. उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने वेतन निर्धारण प्रक्रिया के दौरान कतिपय संघ नेताओं द्वारा अवैध उगाही और प्रताड़ना से जुड़े जो भी तथ्य सामने रखे हैं, वे बेहद गंभीर हैं. इस पूरे मामले की जिला स्तर से एक विशेष टीम गठित कर उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी. जांच रिपोर्ट में जो भी शिक्षक नेता या अधिकारी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध विभागीय प्रावधानों और कानून के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

शिक्षकों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस विवाद के कारण उनका वेतन निर्धारण कार्य प्रभावित न हो, क्योंकि इससे उनकी आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है. अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन की जांच में एकता मंच के नेताओं और स्थानीय बीईओ (BEO) की भूमिका को लेकर क्या नए तथ्य सामने आते हैं.

बेतिया से रवि “रंक” की रिपोर्ट

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By Aaruni Thakur

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