Bettiah News: जुर्माना नहीं दिया तो काटनी होगी अतिरिक्त जेल, फैसले से अपराधियों में मचा हड़कंप

Bettiah News: बगहा के पटखौली थाना क्षेत्र के चर्चित मनोज यादव हत्याकांड में 14 वर्ष बाद कोर्ट का फैसला. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्र ने दोषी मो. रविल उर्फ सोनू को सुनाई उम्रकैद और डेढ़ लाख जुर्माने की सजा. जानिए खबर विस्तार से…

 Bettiah News: नगर के पटखौली थाना क्षेत्र के बहुचर्चित मनोज यादव हत्याकांड में आखिरकार 14 वर्ष बाद सोमवार को अदालत का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक फैसला आ गया है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्र की अदालत ने इस सनसनीखेज मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषी मोहम्मद रविल उर्फ सोनू को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है. सजा के इस बड़े ऐलान के साथ ही करीब डेढ़ दशक पुराने इस चर्चित हत्याकांड का पूरी तरह से न्यायिक पटाक्षेप हो गया है.

धाराओं में कोर्ट ने तय की कड़ा सजा

अपर लोक अभियोजक मन्नु राव ने अदालत के इस ऐतिहासिक फैसले की विस्तृत जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोषी को दो अलग-अलग संगीन धाराओं में कड़ी सजा मुकर्रर की है:

  • भादवि की धारा 302 (हत्या): इस मुख्य धारा के तहत अदालत ने दोषी मो. रविल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और साथ ही एक लाख रुपये का आर्थिक दंड (जुर्माना) लगाया.
  • भादवि की धारा 328 (विषैला पदार्थ देना): इस धारा के अंतर्गत कोर्ट ने दोषी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास (कठोर जेल) की सजा के साथ-साथ 50 हजार रुपये के अतिरिक्त जुर्माने की सजा सुनाई.

माननीय न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि यदि दोषी द्वारा अर्थदंड (जुर्माने) की कुल डेढ़ लाख रुपये की राशि जमा नहीं की जाती है, तो उसे दोनों मामलों में तीन-तीन वर्ष की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी. कोर्ट रूम में सजा का ऐलान होने के तुरंत बाद पुलिस ने दोषी को अपनी कड़ी अभिरक्षा (कस्टडी) में ले लिया और कागजी प्रक्रिया पूरी कर सीधे जेल भेज दिया.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों से सिद्ध हुआ आरोप

यह मामला वर्ष 2012 का है, जब पटखौली थाने में कांड संख्या 183/12 के तहत हत्या की यह प्राथमिकी दर्ज की गई थी. इस केस की न्यायिक सुनवाई जिला अदालत में लंबे समय तक चली. मुकदमे के दौरान अभियोजन (सरकारी पक्ष) और बचाव पक्ष की ओर से कई महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही अदालत के समक्ष कराई गई थी.

अदालत ने गवाहों के बयानों, मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस अनुसंधान (जांच) से जुड़े वैज्ञानिक साक्ष्यों तथा अन्य दस्तावेजी प्रमाणों का बेहद गहनता से परीक्षण किया. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मनोज यादव की हत्या के आरोप को वैज्ञानिक तरीके से सिद्ध करने के लिए कई अकाट्य साक्ष्य प्रस्तुत किए, जबकि बचाव पक्ष ने अपने समर्थन में दलीलें दीं. अंततः दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने माना कि अभियुक्त पर हत्या और विषैले पदार्थ के उपयोग से जुड़े आरोप पूरी तरह सच हैं. गौरतलब है कि इसी मामले में अदालत ने दो दिन पूर्व शनिवार को ही अभियुक्त को दोषी ठहरा दिया था, जिसके बाद से ही सजा की अवधि पर सबकी निगाहें टिकी थीं.

बगहा से इजरायल अंसारी की रिपोर्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Purushottam Kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >