Bettiah News: बगहा-दो स्थित प्लस टू नॉर्थ बिहार शुगर मिल्स हाई स्कूल सह मॉडल स्कूल एक बार फिर गंभीर प्रशासनिक विवादों और आंतरिक खींचतान के कारण सुर्खियों में आ गया है. विद्यालय के पूर्व प्रधानाध्यापक मोहम्मद मोफिजुर्रहमान ने वर्तमान प्रधानाध्यापक मोहम्मद जुल्फेकार अली के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को एक विस्तृत और शिकायती पत्र सौंपा है. इस आवेदन में वर्तमान प्रधानाध्यापक पर पद का दुरुपयोग करने, सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाने, वित्तीय अनियमितता पैदा करने तथा विद्यालय के शैक्षणिक माहौल को पूरी तरह प्रभावित करने के कई सनसनीखेज आरोप लगाए गए हैं.
चार्ज लेने से पहले बैंक खाता कराया फ्रीज
पूर्व प्रधानाध्यापक द्वारा जिला शिक्षा कार्यालय को दिए गए आवेदन में मुख्य रूप से वर्तमान एचएम की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं. शिकायत के अनुसार:
- वित्तीय तालाबंदी: वर्तमान प्रधानाध्यापक ने विधिवत प्रभार ग्रहण करने से पूर्व ही नियमों के विरुद्ध जाकर विद्यालय का आधिकारिक बैंक खाता बंद (फ्रीज) करा दिया. इसके कारण स्कूल में पहले से कराए गए विभिन्न विकास कार्यों के भुगतान पर पूरी तरह रोक लग गई और दैनिक शैक्षणिक गतिविधियां ठप हो गईं.
- प्रशासनिक नाकेबंदी: आरोप है कि उन्होंने कार्यालय और मुख्य प्रधानाध्यापक कक्ष में अपना निजी ताला जड़ दिया तथा स्कूल का मुख्य ताला और चाबियां अपने घर ले गए. इसके चलते कई दिनों तक स्कूल के प्रशासनिक कार्य बाधित रहे, जिसे बाद में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) के कड़े हस्तक्षेप के बाद किसी तरह खुलवाया जा सका.
- Whiteoner का खेल और असहयोग: शिकायत में यह भी कहा गया है कि सरकारी आदेश पुस्तिका (ऑर्डर बुक) में दर्ज निर्देशों की जानबूझकर अवहेलना की गई. छात्रों के भविष्य से जुड़े ‘अपार आईडी’ (APAAR ID) निर्माण से संबंधित एक महत्वपूर्ण सरकारी आदेश को कथित रूप से व्हाइटनर लगाकर मिटा दिया गया. इसके अलावा इंटरमीडिएट और माध्यमिक स्तर की बोर्ड प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) परीक्षाओं के संचालन में भी शिक्षकों के साथ सहयोग नहीं करने के बिंदु शामिल हैं.
पुराने कार्यकालों के विवादों का भी कच्चा चिट्ठा उजागर
शिकायत पत्र में वर्तमान प्रधानाध्यापक मोहम्मद जुल्फेकार अली के पुराने विवादित सेवा इतिहास का भी सिलसिलेवार ढंग से उल्लेख किया गया है, जिसके आधार पर उन पर आदतन अनुशासनहीन होने का दावा किया गया है:
- राजकीय मध्य विद्यालय डुमरिया (2013): इस विद्यालय में पदस्थापन के दौरान बिना किसी पूर्व सूचना के लंबे समय तक गायब रहने के मामले में तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) द्वारा उनसे कई बार स्पष्टीकरण (शो-कॉज) मांगा गया था.
- राजकीय मध्य विद्यालय कुम्हिया: इस स्कूल में रहते हुए उन पर विद्यालय के सरकारी निर्माण कार्य में बाधा डालने तथा स्थानीय छात्रों को उकसाकर स्कूल परिसर में तोड़फोड़ करवाने के गंभीर आरोप लगे थे, जिसे लेकर स्थानीय थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई थी.
- एसएसबीएस उच्च माध्यमिक विद्यालय मेहुड़ा (2017): यहाँ प्लस टू शिक्षक के रूप में कार्य करने के दौरान शिक्षक उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस रजिस्टर) में कथित रूप से काट-छांट करने, अनुपस्थित (एब्सेंट) किए जाने के बावजूद जबरन हाजिरी बनाने और शैक्षणिक दायित्वों में घोर लापरवाही बरतने के आरोप लगे थे. इसके आलोक में 30 अक्टूबर 2017 को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय के निर्देश पर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के तहत ‘प्रपत्र क’ गठित किया गया था.
मॉडल स्कूल में पदस्थापन के बाद भी जारी रहा विवाद
शिकायत के अनुसार, इन तमाम पुराने विवादों के बाद वे बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से पुन: चयनित हुए. उनकी पहली पदस्थापना बेतिया प्रखंड के राजकीय उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बरवत सेना में की गई थी, जहाँ से स्थानांतरण (तबादला) पाकर वे बगहा-दो स्थित इस मॉडल स्कूल में आए. आरोप है कि मॉडल स्कूल में योगदान देने के पहले दिन से ही उनका वरिष्ठता (सीनियरिटी) और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर अन्य शिक्षकों व पूर्व एचएम से विवाद शुरू हो गया. इस गुटबाजी और तनातनी को लेकर प्रखंड से लेकर जिला शिक्षा कार्यालय तक दर्जन भर पत्र भेजे गए, लेकिन धरातल पर स्थिति सामान्य नहीं हो सकी. वर्तमान में स्कूल के भीतर चल रहे इस शीतयुद्ध के कारण शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के बीच भारी असंतोष व्याप्त है.
इस पूरे प्रशासनिक विवाद और संगीन आरोपों के संबंध में पूछे जाने पर बगहा-दो के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) फूदन राम ने बताया कि मॉडल स्कूल में चल रहे विवाद और डीईओ को दिए गए शिकायत पत्र की आधिकारिक सूचना उन्हें मिली है. सरकारी विद्यालय की गरिमा और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक जांच टीम का गठन कर मामले की निष्पक्ष व त्वरित जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी.
बेतिया से चंद्रप्रकाश आर्य की रिपोर्ट
