Bettiah GMCH OPD: गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH), बेतिया में शनिवार, 6 जून 2026 के लिए बाह्य रोगी विभाग (OPD) का आधिकारिक डॉक्टर ड्यूटी रोस्टर जारी कर दिया गया है. पश्चिम चंपारण जिले और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए विभिन्न मुख्य और विशेषज्ञ विभागों में डॉक्टरों की तैनाती की गई है, ताकि किसी को भी इलाज के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े.
जीएमसीएच बेतिया: शनिवार को मुख्य ओपीडी विभागों का डॉक्टर रोस्टर
शनिवार को सुबह की शिफ्ट से ही अस्पताल के मुख्य विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीमें तैनात रहेंगी. मरीज अपनी बीमारी के अनुसार नीचे दी गई तालिका को देखकर संबंधित डॉक्टरों से परामर्श ले सकते हैं:
| विभाग का नाम (Department) | तैनात डॉक्टर (Doctors On Duty) |
|---|---|
| मेडिसिन (औषधि) विभाग | डॉ. तारिक अनवर (एसआर) |
| सर्जरी (शल्य चिकित्सा) विभाग | डॉ. अशोक कुमार, डॉ. अमरनाथ गुप्ता, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. कमल नयन |
| ओब्स गायनी (स्त्री व प्रसूति रोग) | डॉ. शिवानी गुप्ता (एसआर), डॉ. मोनिका (पीजी) |
| पीडियाट्रिक्स (शिशु रोग) विभाग | डॉ. अखिलेश कुमार राम |
| आर्थो (हड्डी रोग) विभाग | डॉ. वरुण कुमार गोलवारा (एपी), डॉ. श्रवण कुमार यादव (एसआर), डॉ. गंगदयाल शर्मा (एसआर) |
विशिष्ट ओपीडी और फिजियोथेरेपी विभाग का शेड्यूल
मुख्य विभागों के अलावा सुपर स्पेशियलिटी और थेरेपी से जुड़े अन्य विभागों में भी डॉक्टरों की सूची जारी की गई है, जो इस प्रकार है:
- फिजियोथेरेपी विभाग: इस विभाग में शारीरिक पुनर्वास और थेरेपी के लिए तीन डॉक्टरों की टीम उपलब्ध रहेगी, जिसमें डॉ. विरेन्द्र कुमार, डॉ. सत्येन्द्र कुमार और डॉ. प्रेम कुमार शामिल हैं.
- चर्मरोग विभाग (Dermatology): त्वचा, एलर्जी और गुप्त रोगों से संबंधित समस्याओं के परामर्श के लिए वरिष्ठ चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शिवशंकर शर्मा (एसएमओ) ओपीडी में मौजूद रहेंगे.
- मनोरोग विभाग (Psychiatry): मानसिक तनाव, अवसाद और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए डॉ. हेमंत कुमार (एपी) अपनी सेवाएं देंगे.
- आप्थाल्मालॉजी (नेत्र रोग) विभाग: आँखों की जांच, चश्मे के नंबर और विजन टेस्टिंग के लिए डॉ. शिल्पी कुमारी मरीजों को परामर्श देंगी.
मरीजों के लिए आवश्यक सलाह: भीषण गर्मी और उमस के मौसम को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने सलाह दी है कि मरीज सुबह के समय ही ओपीडी रजिस्ट्रेशन काउंटर पर पहुंचकर अपनी पर्ची कटवा लें. सभी विशेषज्ञ डॉक्टर निर्धारित समय पर अपने-अपने चैंबर में बैठेंगे ताकि मरीजों को सुलभ इलाज मिल सके.
