Bagaha News: बगहा प्रखंड क्षेत्र में उर्वरक की बिक्री व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए कृषि विभाग ने पहल शुरू की है. शनिवार को बगहा-दो प्रखंड स्थित किसान भवन में प्रखंड कृषि कार्यालय की ओर से क्षेत्र के सभी अधिकृत उर्वरक विक्रेताओं को फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (FFS) एप का प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण में विक्रेताओं को एप के संचालन और इसके माध्यम से उर्वरक बिक्री की प्रक्रिया की जानकारी दी गयी.
अधिकृत उर्वरक विक्रेताओं को दिया गया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान प्रखंड कृषि पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने विक्रेताओं को FFS एप के संचालन की विस्तृत जानकारी दी. विक्रेताओं को भारत सरकार के FFS एप के माध्यम से उर्वरक की बिक्री, आवेदन और बुकिंग से जुड़ी प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया. साथ ही मोबाइल एप के सही तरीके से संचालन और ऑनलाइन माध्यम से उर्वरक बिक्री की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया.
पोस्ट मशीन से एप आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ रहा विभाग
प्रखंड कृषि पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि वर्तमान में पोस्ट मशीन आधारित उर्वरक बिक्री व्यवस्था को एप आधारित डिजिटल प्रणाली से जोड़ा जा रहा है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद उर्वरक बिक्री की प्रक्रिया को ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने में सुविधा होगी. इससे खाद की उपलब्धता और बिक्री की निगरानी भी आसान होगी.
किसानों को ऑनलाइन मिलेगी खाद की उपलब्धता की जानकारी
नई डिजिटल व्यवस्था का सीधा लाभ किसानों को भी मिलने की उम्मीद है. किसान अपने नजदीकी अधिकृत उर्वरक विक्रेता के यहां उपलब्ध खाद की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे. इसके बाद अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक की खरीद कर सकेंगे. इससे किसानों को खाद की उपलब्धता के लिए अलग-अलग दुकानों के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है.
खाद की कालाबाजारी पर लगेगा अंकुश
कृषि विभाग के अनुसार डिजिटल व्यवस्था लागू करने का मुख्य उद्देश्य उर्वरक बिक्री में पारदर्शिता लाना है. इसके साथ ही खाद की उपलब्धता की निगरानी आसान बनाना और बिक्री में होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है. ऑनलाइन व्यवस्था से उर्वरक की कालाबाजारी और अनधिकृत बिक्री पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.
समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में होगी सुविधा
अधिकारियों के अनुसार FFS एप आधारित व्यवस्था से किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने में भी सुविधा होगी. खाद की उपलब्धता की जानकारी ऑनलाइन मिलने से बिक्री व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है. कृषि विभाग की इस पहल से उर्वरक बिक्री में पारदर्शिता बढ़ाने और किसानों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी.
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