बगहा से चंद्रप्रकाश आर्य की रिपोर्ट
Bagaha News: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) एक बार फिर पर्यटकों के लिए अविस्मरणीय अनुभव का केंद्र बन गया है. देर शाम जंगल सफारी के दौरान गोपालगंज से आए पर्यटकों के एक समूह को बंगाल टाइगर का बहुत नजदीक से दीदार हुआ. बाघ की इस दुर्लभ झलक ने पर्यटकों के रोमांच को चरम पर पहुंचा दिया और उनका यह सफर हमेशा के लिए यादगार बन गया.
पहली बार आए परिवार को मिला जीवन का सबसे यादगार पल
गोपालगंज निवासी सुवांस कुमार अपने परिवार के साथ पहली बार वीटीआर घूमने पहुंचे थे. वन्यजीवों को करीब से देखने की उनकी इच्छा उस समय पूरी हो गई, जब सफारी के दौरान उन्हें खुले क्षेत्र में विचरण कर रहे बाघ को देखने का अवसर मिला. नेचर गाइड और सफारी चालक की सतर्कता के कारण सभी पर्यटक सुरक्षित दूरी से इस मनमोहक नजारे का आनंद ले सके. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ कुछ समय तक शांत और धीमी गति से जंगल के खुले हिस्से में घूमता रहा. इस दौरान पर्यटकों ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने कैमरों में कैद कर लिया.
मौजूदा पर्यटन सत्र में सातवीं बार दिखा बाघ, बढ़ रही सैलानियों की आमद
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए देशभर में प्रसिद्ध है. वैसे तो यहां अक्सर हिरणों के झुंड और अन्य वन्यजीव दिखाई देते हैं, लेकिन बाघ का दर्शन बेहद दुर्लभ माना जाता है. वन विभाग के अनुसार, मौजूदा पर्यटन सत्र में यह सातवां अवसर है जब पर्यटकों को बाघ के दर्शन हुए हैं.
विदेशी सैलानियों के आने से वीटीआर को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
रेंजर सत्यम कुमार ने बताया कि इस सत्र में बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में वाल्मीकिनगर पहुंच रहे हैं. विदेशी सैलानियों की बढ़ती आमद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वीटीआर की पहचान मजबूत हो रही है, जिससे स्थानीय पर्यटन उद्योग और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा मिल रहा है.
