पश्चिम चंपारण: नौतन प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, मुख्य बाजारों और चौराहों पर जमा कूड़े-कचरे के ढेरों से आम नागरिकों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. जलजमाव और गंदगी के कारण क्षेत्र में संक्रामक व मौसमी बीमारियों के फैलने की आशंका लगातार बढ़ रही है. इस गंभीर समस्या के समाधान, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और जन-जन को स्वच्छता के प्रति सजग बनाने के उद्देश्य से सोमवार को विशेष पहल की गई. ब्लॉक समन्वयक (बीसी) पूनम गुप्ता के निर्देशानुसार 'स्वच्छता सेवा अभियान' के तहत स्वच्छताग्रहियों की टीम ने नौतन मुख्य बाजार में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया.
17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान: बीसी पूनम गुप्ता
कार्यक्रम के संदर्भ में जानकारी देते हुए बीसी पूनम गुप्ता ने बताया कि यह स्वच्छता अभियान आगामी 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) तक अनवरत संचालित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों, सड़कों के किनारों और हाट-बाजारों को पूरी तरह से कचरा-मुक्त बनाना है. लोगों को घरों और दुकानों से निकलने वाले कचरे को निर्धारित कूड़ेदान अथवा कंपोस्ट पिट में ही डालने के प्रति प्रेरित किया जा रहा है. उन्होंने व्यापारियों, दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे प्रखंड कार्यालय परिसर और बाजार क्षेत्र की नियमित साफ-सफाई में सक्रिय सहयोग दें.
गांव-गांव में चलेगा अभियान, पंचायत प्रतिनिधियों से मांगा सहयोग
प्रशासनिक योजना के अनुसार, इस अभियान को केवल प्रखंड मुख्यालय या बाजारों तक सीमित न रखकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक ले जाया जाएगा. प्रत्येक ग्राम पंचायत और टोलों में स्वच्छताग्रहियों की टोली घर-घर दस्तक देकर स्वच्छता का संदेश देगी. बीसी ने जोर देकर कहा कि इस जन-अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य है. जनप्रतिनिधियों के सहयोग से ही ग्रामीण स्तर पर कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ किया जा सकता है.
स्वच्छता अभियान में इनका रहा सराहनीय योगदान
नौतन बाजार में आयोजित इस जन-जागरूकता कार्यक्रम के दौरान स्वच्छताग्रहियों ने दुकानदारों व राहगीरों से सीधा संवाद कर साफ-सफाई बनाए रखने की शपथ दिलाई. इस अभियान को सफल बनाने और व्यवस्थाएं संचालित करने में शशि राज, सत्येंद्र यादव, नीतेश कुमार, रवि कुमार, बिंदा कुमार, मिथलेश यादव तथा रूना सिंह सहित अन्य कर्मियों का योगदान बेहद सराहनीय रहा.
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