बगहा-1 में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं की बैठक, 25 हजार मानदेय समेत कई मांगों पर चर्चा

बगहा-1 में आयोजित बैठक में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई. उन्होंने सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने के साथ-साथ मानदेय बढ़ाने की पुरजोर मांग की है.

Bagaha News: चौतरवा के पंचायत सरकार भवन इंग्लिशिया परिसर में रविवार को बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन, इकाई बगहा-1 की सेविका-सहायिकाओं एवं अभिभावकों की बैठक आयोजित की गई. बैठक में आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के मानदेय, बकाया भुगतान और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने समेत विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई.

सेविका-सहायिकाओं के मानदेय पर उठे सवाल

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं को वर्तमान में नौ हजार रुपये मानदेय मिल रहा है. इसमें केंद्र और राज्य सरकार की राशि अलग-अलग मिलने के कारण भुगतान प्रक्रिया को लेकर सेविकाओं में नाराजगी बढ़ रही है. वक्ताओं ने कहा कि पहले दोनों सरकारों की राशि एक साथ मिलने से भुगतान की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल थी.

लंबित बकाया राशि के भुगतान की मांग

बैठक में लंबित गोद भराई, अन्नप्राशन, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, मोबाइल रिचार्ज राशि सहित अन्य बकाया राशि का शीघ्र भुगतान करने की मांग उठाई गई. वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण सेविका-सहायिकाओं को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग

वक्ताओं ने आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की. उन्होंने कहा कि सेविकाओं से निर्धारित चार घंटे के कार्य के अलावा कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी ली जा रही हैं. ऐसे में उनके कार्य और जिम्मेदारियों को देखते हुए सेवा शर्तों में सुधार जरूरी है.

25 हजार सेविका और 15 हजार सहायिका मानदेय की मांग

बैठक में मांग की गई कि जब तक सेविका-सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक सेविकाओं का मानदेय बढ़ाकर 25 हजार रुपये और सहायिकाओं का मानदेय 15 हजार रुपये किया जाए. वक्ताओं ने कहा कि बढ़ती जिम्मेदारियों और महंगाई को देखते हुए वर्तमान मानदेय पर्याप्त नहीं है.

बैठक में कई लोगों ने रखे विचार

बैठक की अध्यक्षता जिला इकाई के सदस्य डॉ. बसंत शर्मा ने की, जबकि संचालन प्रखंड बगहा-1 के मुन्ना शाही ने किया. इस दौरान कन्हैया कुशवाहा, अरविंद कुमार, प्रह्लाद सिंह, कन्हैया गुप्ता, मनोज पटेल सहित कई लोगों ने सेविका-सहायिकाओं की समस्याओं और मांगों को लेकर अपने विचार रखे.

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By Israel ansari

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