संस्कृत के ज्ञान से दूर होंगी धर्म को लेकर भ्रांतियां, बगहा में अध्यात्म संगम में बोले एडीजे

बगहा में संस्कृत भारती और अध्यात्म सेवा संघ द्वारा आयोजित अध्यात्म संस्कृत संगम में संस्कृत के महत्व और भारतीय ज्ञान परंपरा पर प्रकाश डाला गया. इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 11 व्यक्तियों को सम्मानित किया गया.

Bagaha News: बगहा के मारवाड़ी अतिथि भवन में रविवार को संस्कृत भारती बगहा एवं अध्यात्म सेवा संघ के संयुक्त तत्वावधान में अध्यात्म संस्कृत संगम कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में संस्कृत के संरक्षण, भारतीय ज्ञान परंपरा और अध्यात्म पर चर्चा हुई. समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले करीब एक दर्जन लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.

संस्कृत को भारतीय ज्ञान परंपरा का आधार बताया

कार्यक्रम के दौरान

कार्यक्रम में विषय प्रवेश कराते हुए राकेश सिंह ने संस्कृत के विकास, दिशा और दशा पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने संस्कृत को भारतीय ज्ञान, दर्शन और अध्यात्म की समृद्ध परंपरा का आधार बताते हुए इसके संरक्षण और प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया.

धर्मग्रंथों के सही ज्ञान से दूर होंगी भ्रांतियां : एडीजे

मुख्य अतिथि जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्र ने कहा कि समाज में सनातन धर्म को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां फैली हुई हैं. इन्हें दूर करने के लिए संस्कृत और धर्मग्रंथों का सही ज्ञान जरूरी है.

उन्होंने कहा कि छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों का वेदों में समर्थन नहीं मिलता. संस्कृत के मूल ग्रंथों के अध्ययन से समाज में फैली गलत धारणाओं को दूर किया जा सकता है.

संस्कृत भारतीय संस्कृति और ज्ञान की महत्वपूर्ण कड़ी : एसडीएम

एसडीएम चांदनी कुमारी ने कहा कि संस्कृत भाषा सुनने मात्र से ही मन में विशेष लगाव और जुड़ाव का अहसास होता है. संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण कड़ी है. इसके संरक्षण के लिए युवा पीढ़ी को आगे आना चाहिए.

लाइफ टाइम अचीवमेंट समेत 11 लोगों को सम्मान

कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली करीब एक दर्जन प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया. गोरख प्रसाद उपाध्याय एवं रामसकल साह को लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान दिया गया.

अध्यात्म के क्षेत्र में डॉ. सुबोध मणि त्रिपाठी, सरस्वती सेवा के लिए लखन प्रसाद, पर्यावरण सेवा में निप्पू पाठक एवं गजेंद्र यादव, खेल सेवा में सुनील वर्मा तथा युवा विद्वान सम्मान से डॉ. अमित रंजन एवं डॉ. विभाकर दुबे को सम्मानित किया गया. वहीं पत्रकार गौरव सम्मान चंद्रभूषण शांडिल्य एवं विनोद राव को प्रदान किया गया.

दीप प्रज्ज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेन्द्र मिश्र, एसडीएम चांदनी कुमारी, एसडीपीओ निहार भूषण समेत अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इससे पहले आगत अतिथियों को फूल-माला और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया.

संस्कृत संरक्षण और अध्यात्म पर आगे भी होगा काम

आयोजक मंडल के देव निरंजन दीक्षित, गिरींद्र पाण्डेय, संजय तिवारी एवं दयाशंकर साह समेत अन्य लोगों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में भूमिका निभाई. आयोजन में अरुण कुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह, दीपक रही, अमर सिंह, राकेश सिंह, दयाशंकर सिंह, कैयूम अंसारी सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे.

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