बेतिया में इन आंगनबाड़ी केंद्रों की बदलेगी तस्वीर, 90 भवनों पर खर्च होंगे 10.80 करोड़ रुपये

बेतिया जिले के 90 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए पक्के और सर्वसुविधायुक्त भवनों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. नाबार्ड द्वारा कराए जा रहे इस निर्माण पर कुल 10.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे. बच्चों के अनुकूल इन भवनों में स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय और खेलने-पढ़ने की पर्याप्त जगह होगी.

Bettiah News: बेतिया. जिले के 90 आंगनबाड़ी केंद्रों को जल्द ही अपना पक्का और सर्वसुविधायुक्त भवन मिलने वाला है. इसके लिए निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. प्रथम चरण में 35 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण का काम चल रहा है. इनमें 19 केंद्रों के भवन का निर्माण शुरू हो चुका है, जबकि 16 केंद्रों के लिए उपलब्ध करायी गयी भूमि का सीमांकन अंतिम चरण में है. इन भवनों का निर्माण नाबार्ड की ओर से कराया जाएगा.

90 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण की शुरू हुई प्रक्रिया

जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों को बेहतर आधारभूत सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गयी है. प्रथम चरण में 35 केंद्रों को शामिल किया गया है. इनमें 19 केंद्रों के भवन निर्माण का काम शुरू हो चुका है, जबकि 16 केंद्रों के लिए भूमि सीमांकन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गयी है.

हर भवन पर खर्च होंगे 12 लाख, कुल 10.80 करोड़ का बजट

आईसीडीएस की डीपीओ कविता रानी ने बताया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण पर 12 लाख रुपये खर्च होंगे. इस हिसाब से जिले के 90 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण पर करीब 10.80 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे. भवन निर्माण का काम नाबार्ड की ओर से कराया जाएगा, जबकि निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी करेंगे.

बच्चों के अनुकूल होंगे नये आंगनबाड़ी केंद्र

प्रस्तावित भवन बच्चों के अनुकूल बनाये जाएंगे. इनमें स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, बाउंड्री वॉल और रसोईघर की सुविधा होगी. बच्चों के खेलने और पढ़ने के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध करायी जाएगी. इससे बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण में प्रारंभिक शिक्षा व अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी.

बाला पेंटिंग से आकर्षक बनेंगी भवनों की दीवारें

आंगनबाड़ी केंद्रों की दीवारों पर बाला पेंटिंग के माध्यम से आकर्षक चित्रकारी करायी जाएगी. इसका उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में अक्षर और संख्याओं का ज्ञान देना है. भवनों को बच्चों के लिए आकर्षक और सीखने के अनुकूल बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.

2183 आंगनबाड़ी केंद्र अब भी किराये के भवन में

जिले में कुल 4131 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं. इनमें 2183 केंद्र फिलहाल किराये के कमरों में चल रहे हैं. कई केंद्रों में पर्याप्त सुविधाओं का अभाव है. कहीं सीलन भरे कमरे हैं, तो कहीं शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं. बारिश के मौसम में ऐसे केंद्रों में बच्चों को भेजना अभिभावकों के लिए परेशानी का कारण बनता है.

नये भवनों के निर्माण से बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिलने के साथ गर्भवती एवं धात्री माताओं को पोषण आहार और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराने में भी सुविधा होगी. जिले में 1514 आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपना भवन है, जबकि 422 केंद्र सरकारी भवनों में संचालित हो रहे हैं.

पहले चरण में इन प्रखंडों में बनेंगे आंगनबाड़ी केंद्र

  • मझौलिया – 2 केंद्र
  • योगापट्टी – 3 केंद्र
  • लौरिया – 2 केंद्र
  • चनपटिया – 2 केंद्र
  • बगहा-2 – 3 केंद्र
  • बगहा-1 – 3 केंद्र
  • नरकटियागंज – 2 केंद्र
  • सिकटा – 2 केंद्र
  • रामनगर – 3 केंद्र
  • गौनाहा – 3 केंद्र
  • मैनाटांड़ – 2 केंद्र
  • नौतन – 2 केंद्र
  • मधुबनी-पिपरासी – 3 केंद्र
  • ठकराहा – 2 केंद्र

कुल – 35 आंगनबाड़ी केंद्र

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लेखक के बारे में

By अवध किशोर तिवारी

अवध किशोर तिवारी तीन दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इन्होंने हिंदी दैनिक राष्ट्रीय सहारा के दिल्ली संस्करण से करियर की शुरुआत की. वर्तमान में वर्ष 2018 से प्रभात खबर के बेतिया ब्यूरो कार्यालय से जुड़े हैं. सामाजिक, अपराध, राजनीतिक एवं जनसरोकार से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है

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