Begusarai News : परिवार नियोजन से संबंधित संसाधनों व दवाओं की जिले में नहीं है कमी : सीएस

जिला स्वास्थ्य समिति सभागार सदर अस्पताल मे परिवार नियोजन कार्यक्रम के सुदृढ़ीकरण के लिए जिलास्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

बेगूसराय. जिला स्वास्थ्य समिति सभागार सदर अस्पताल मे परिवार नियोजन कार्यक्रम के सुदृढ़ीकरण के लिए जिलास्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार ने की. इसमें सभी प्रखंडों से आये प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, परिवार नियोजन परामर्शियों सहित स्वास्थ्य विभाग के जिलास्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में परिवार नियोजन के कार्यक्रम की समग्र जानकारी संबंधित सभी कर्मियों को देना एवं उनके साथ परस्पर समन्वय एवं सहयोग से कार्यक्रम को सुदृढ़ बनाना है.

कार्यक्रम में परिवार नियोजन पर खुल कर हुई चर्चा

उन्मुखीकरण का मुख्य उद्देश्य परिवार नियोजन को जिले में सुदृढ़ करना एवं संबंधित सभी सामग्री के बारे में अस्पताल आये योग्य दंपती को जागरूक करना एवं स्थायी व अस्थायी गर्भ निरोधक साधन उपलब्ध कराना है. सिविल सर्जन डाॅ अशोक कुमार ने प्रतिभागियों को परिवार नियोजन से संबंधित तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि परिवार नियोजन का मतलब सिर्फ बंध्याकरण नहीं होता, बल्कि अनचाहे गर्भधारण की जगह मनचाहे गर्भधारण को प्रोत्साहित करना होता है. परिवार नियोजन का अर्थ है सभी योग्य दंपती स्वयं यह तय करें की उन्हें पहला या दूसरा बच्चा कब हो.

परिवार नियोजन से संबंधित संसाधनों की ना हो कमी

सीएस ने कहा कि आज परिवार नियोजन के लिए ढेरों साधन (बास्केट ऑफ च्वाइस ) की सुविधा सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है. जरूरत है की लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाये. जिले में परिवार नियोजन से संबंधित संसाधनों एवं दवाओं की कोई कमी नहीं है एवं आगामी परिवार नियोजन पखवारा को हम सभी को मिलकर सफल बनना है. उन्होंने कहा कि जिला मे बंध्याकरण, कॉपर टी एवं अंतरा इंजेक्शन को अधिक से अधिक प्रमोट करने की जरूरत है और इसके लिए उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को इसे आगे बढ़ाने का आग्रह किया.

दो बच्चों के बीच तीन साल का रखें अंतराल

जिला कार्यक्रम प्रबंधक नसीम रजी ने बताया की हमें छोटा परिवार सुख का आधार की परिकल्पना को साकार करना है. शादी की उम्र कम से कम 21 साल और पहला बच्चा शादी के दो वर्ष के बाद एवं दो बच्चों के बीच कम से कम तीन साल का अंतर रखना है. बच्चे और मां दोनों ही के अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है. हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर भी परिवार नियोजन की सभी अस्थायी साधन व सुविधा उपलब्ध है और उन्होंने सभी आशा एवं एएनएम से लोगो को इसके प्रति जागरूक करने एवं इन्हें वितरित करने में अपनी अहम भूमिका निभाने का आग्रह किया.

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By Shah abid hussain

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