Begusarai News : बेगूसराय बस स्टैंड में नहीं है ठहरने की सुविधा

Begusarai News : एनएच-31 स्थित मुख्य बस पड़ाव में बस संचालकों व कर्मियों समेत यात्रियों के लिए समुचित सुविधा का घोर अभाव है.

बेगूसराय. एनएच-31 स्थित मुख्य बस पड़ाव में बस संचालकों व कर्मियों समेत यात्रियों के लिए समुचित सुविधा का घोर अभाव है. न तो परिवहन कर्मियों के लिए आराम करने की सुविधा है और न ही यात्रियों के लिए सुरक्षित ठहराव की सुविधा है. इससे सभी लोग परेशान हो रहे हैं. जबकि बस स्टैंड में प्रतिदिन विभिन्न जिलों एवं राज्यों से भी लगभग 20 हजार यात्रियों का आवागमन होता है. बस स्टैंड के के निर्माण लगभग 45 वर्ष पूर्व की गयी थी. बस स्टैंड परिसर में एक यात्री विश्रामगृह के साथ साथ परिवहन कर्मचारी के लिए भी भवन निर्मित था. भवन के जर्जर होने के बाद भवन काफी खतरनाक हो गयी थी, जिसे प्रशासनिक निर्देश मिलने को तोड़कर हटा दी गयी. परंतु नया विश्रामगृह नहीं बना. तत्कालीन महापौर संजय कुमार के कार्यकाल में नवंबर 2015 में बुडको द्वारा लगभग 4.30 करोड़ की राशि से बस स्टैंड का जीर्णोद्धार योजना भी शुरु की गयी थी. योजना से पूरे फर्श का पीसीसी ढलाई व एक बहुउद्देशीय भवन के निर्माण जो पूर्व महापौर उपेंद्र प्रसाद सिंह के कार्यकाल में पूरा भी हुआ.परंतु उक्त भवन का भी समुचित उपयोग नहीं हो रहा है.फिर वर्तमान महापौर पिंकी देवी द्वारा भी शहर के निजी बस स्टैंड को अंतरराज्यीय बस स्टैंड में बदलने की सहमति बनी है. निजी बस स्टैंड का पुनर्निर्माण और जीर्णोद्धार करके इसे अंतरराज्यीय बस अड्डा के रूप में विकसित करने को लेकर प्रस्ताव भी नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार सिंह ने नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव को पत्र के माध्यम से भेजा है. परंतु कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं दिख रही लोग बस स्टैंड का विकास की राह देख रहें हैं.

मुख्य बस स्टैंड का अंतरराज्यीय बस स्टैंड बनने की हैं कई विशेषताएं

नगर निगम क्षेत्र की निजी बस स्टैंड तीन एकड़ जमीन में फैला हुआ हुआ है, सबसे खास विशेषता यह है कि उक्त बस स्टैंड एनएच-31 के किनारे और रेलवे स्टेशन के सामने स्थित है.रेलवे स्टेशन पर किसी भी स्थान से आने वाले यात्रियों को यदि अन्यत्र जाने हेतू बस परिवहन सेवा की जरूरत पड़ती है तो मात्र 100 मीटर की दूरी रेलवे स्टेशन से तय करनी पड़ती है.बस स्टैंड से वर्तमान में दिनभर में सैकड़ों की संख्या में बस व मिनी बस खुलती हैं. बिहार की राजधानी पटना समेत बिहार के सभी सीमाओं की दूरी 150 से 200 किमी पड़ती है.

बस स्टैंड परिसर मार्केट भी हो चुका है अब जर्जर

बस स्टैंड बने हुए लगभग 40 साल से उपर हो गया है.पुरान विश्रामगृह भी काफी जर्जर होकर खतरनाक हो गयी थी तो विभागीय आदेश पर विश्रामगृह को तोड़ दी गयी है.बस स्टैंड के अंदर 250 से अधिक दुकानों वाली मार्केट कांप्लेक्स भी निर्मित है.काफी पुराने होने के वजह से मार्केट भवन भी काफी जर्जर हो चुके हैं.उक्त मार्केट कांप्लेक्स को तोड़कर.पूरे परिसर का वास्तुविद द्वारा नया मॉडल डिजाइन तैयार कर अति आधुनिक व अंतरराज्यीय स्तर का बस स्टैंड बनाया जा सकता है.

बोलीं महापौर

अंतरराज्यीय स्तर का बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजा जा चुका है. स्वीकृति मिलने के बाद डीपीआर बनेगा,उसके बाद आवंटन आयेगा. फिर सारी प्रक्रिया पूरी करते हुए बस स्टैंड का अंतरराज्यीय स्तर का आधुनिकीकरण किया जायेगा.

पिंकी देवी, महापौर, नगर निगम

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By Manish kumar

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