भारतीय संस्कृति को संजोये रखने में नारी की भूमिका महत्वपूर्ण : डॉ पूजा

बखरी के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में एक दिवसीय सप्त शक्ति कार्यशाला का आयोजन किया गया.

बखरी. बखरी के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में एक दिवसीय सप्त शक्ति कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में महिलाओं के अधिकार और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य का बोध कराते हुए क्षेत्रीय संयोजक डॉ पूजा कुमारी ने उपस्थित महिलाओं से संवाद किया. इससे पहले कार्यशाला का उद्घाटन डॉ पूजा कुमारी, समिति सदस्या मीरा केशरी, मीनू राम, विभाग संयोजिका प्रतिभा कुमारी द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गयी. इसके पश्चात विभिन्न सत्रों में बेगूसराय विभाग के तीन जिले से आये शिक्षिकाएं एवं प्रधानाचार्य सहित सैकड़ों की संख्या में उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय संयोजक ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य मातृ शक्तियों को अपने अधिकार और कर्तव्य से अभिभूत कराना. आज हम विश्व की सबसे बड़ी मानव संसाधन है.हमें आवश्यकता है कि हम पर्यावरण को सुरक्षित कैसे रख सकते हैं, हम अपनी इस धरती माता को प्लास्टिक के प्रकोप से कैसे बचा सकते हैं.हम एक सभ्य नागरिक कैसे बन सकते हैं.हम माताएं कैसे अपने गृहस्थ धर्म का निर्वहन संयुक्त ढंग से कर सकते हैं. हम माताएं जो रूढ़िवाद और अंधविश्वास के चंगुल में फंसकर न जाने कितने दुख और तकलीफों को झेला है. उनसे हम कैसे बाहर निकाल सकते हैं. हम माताएं आज राजनीतिक क्षेत्र में भी अपना नेतृत्व प्रदान कर संपूर्ण विश्व को यह दिखा सकने में सक्षम है कि हम सिर्फ घर की व्यवस्था ही नहीं बल्कि राज सत्ता को भी संभालने की ताकत रखते हैं. कार्यशाला में स्थानीय स्तर पर भी समाज की शिक्षित और सजग महिलाओं ने भाग लिया.सेवा त्याग क्षमता कुर्बानी सदियों से है.तेरी निशानी औरत तेरी यही कहानी रसोई घर से निकाल कर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने वाली भारतीय महिलाएं आज संपूर्ण विश्व के लिए आदर्श बन चुकी है. कार्यशाला का प्रस्तावना कोशी विभाग के विभाग निरीक्षक कृष्ण कुमार प्रसाद द्वारा प्रस्तुत किया गया जबकि मंच संचालन कल्याणी केशरी ने किया.इस दौरान मारवाड़ी महिला मंच की अलका कुमारी,विनीता जलान, ज्योति कुमारी, स्वाति कुमारी, रिचा कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, कार्यशाला प्रमुख बबीता कुमारी, विद्यालय के अध्यक्ष सुशील अग्रवाल, रामनरेश ईश्वर, सचिव मनीष कुमार, कोषाध्यक्ष मनोज कुमार, समिति सदस्य प्रिंस सिंह परमार, अनुभव आनंद प्रधानाचार्य विश्वनाथ यादव, गोपेश झा, राजकुमार, सोमेश सहित सैकड़ों की संख्या में महिलाओं की उपस्थिति थे.

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By MANISH KUMAR

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