बेगूसराय: राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 के जिला स्तरीय आयोजन की तैयारियों को लेकर विज्ञान शिक्षकों की अनुमंडल स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई. कार्यशाला की अध्यक्षता जिला समन्वयक हर्षवर्धन कुमार ने की. इस दौरान परियोजना निर्माण, पंजीकरण प्रक्रिया और आयोजन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई. साथ ही अनुमंडल आयोजन समिति का भी गठन किया गया.
स्थानीय समस्याओं पर आधारित प्रोजेक्ट बनाने की सलाह
कार्यशाला में जिला समन्वयक हर्षवर्धन कुमार ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि सबसे पहले विद्यालय स्तर पर बाल वैज्ञानिकों का चयन किया जाए. इसके बाद स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान पर आधारित परियोजना तैयार की जाए.
उन्होंने बताया कि परियोजना निर्माण के दौरान सबसे पहले लॉग बुक तैयार की जाए, जिसमें प्रतिदिन की गतिविधियों का संक्षिप्त विवरण दर्ज हो. इसके बाद संबंधित विषय पर सर्वे कराकर विद्यार्थियों से प्रश्नावली के माध्यम से जानकारी एकत्रित की जाए. उन्होंने रिपोर्ट बुक और चार्ट प्रस्तुतीकरण की पूरी प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई.
परियोजना निर्माण के व्यावहारिक पहलुओं पर हुई चर्चा
विज्ञान शिक्षक अखिलेश कुमार ने परियोजना निर्माण के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी. वहीं जिला शैक्षिक समन्वयक प्रो. संजय कुमार ने कावर झील से संबंधित परियोजनाओं के निर्माण और शोध की संभावनाओं पर शिक्षकों का मार्गदर्शन किया.
अनुमंडल आयोजन समिति का हुआ गठन
कार्यशाला के अंत में सर्वसम्मति से अनुमंडल आयोजन समिति का गठन किया गया. इसमें राजेश रंजन भारती को अनुमंडल समन्वयक तथा अखिलेश कुमार को अनुमंडल शैक्षिक समन्वयक चुना गया.
इसके अलावा प्रखंड समन्वयकों का भी चयन किया गया. वीरपुर के लिए श्वेता मां, मटिहानी के लिए अर्पण कुमारी, बरौनी के लिए मोनी कुमारी तथा शाम्हो प्रखंड के लिए गौरव कुमार को प्रखंड समन्वयक की जिम्मेदारी सौंपी गई.
धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला संपन्न
कार्यक्रम के अंत में अनुमंडल समन्वयक राजेश रंजन भारती ने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया. धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ.
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