Begusarai News: बिहार सरकार के सेवा, संकल्प और समर्पण के 100 दिन पूर्ण होने के अवसर पर जिला प्रशासन, बेगूसराय द्वारा प्रेक्षागृह सह आर्ट गैलरी में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर पटना में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया, जिसके बाद जिले में विभिन्न विभागों द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई. कार्यक्रम में डीएम श्रीकांत शास्त्री, डीडीसी आकाश चौधरी, महापौर पिंकी देवी, उप महापौर अनीता राय और एडीएम बृज किशोर चौधरी समेत कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति
जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए 22 सरस्वती विद्या निकेतन संचालित किए जा रहे हैं और 10 नए डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की गई है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में 19.5 लाख से अधिक आभा (ABHA) कार्ड बनाए गए हैं. वहीं, मंझौल, बलिया और तेघड़ा अनुमंडलीय अस्पतालों में मुफ्त डायलिसिस सेवा शुरू करने के साथ-साथ टीबी जांच अभियान के तहत 3.34 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई है.
जनशिकायतों का त्वरित निवारण और सामाजिक सुरक्षा
नागरिक सेवाओं को मजबूत करने के लिए चलाए गए 'सहयोग पोर्टल' एवं हेल्पलाइन-1100 के तहत जिले की 213 पंचायतों में शिविर लगाकर 26,122 से अधिक शिकायतों का ऑन-द-स्पॉट निष्पादन किया गया. इसके अलावा, 46,185 योग्य लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी गई, जबकि मल्हीपुर पंचायत के 255 भूमिहीन परिवारों को वासगीत पर्चा सौंपकर जमीन का अधिकार प्रदान किया गया.
सौर ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और कृषि का विकास
ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 119 घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए हैं. तेघड़ा स्थित श्री गौशाला में गोवर्धन योजना के तहत बायोगैस संयंत्र का संचालन जीविका दीदियों द्वारा सफलतापूर्वक किया जा रहा है. कृषि में 4,000 हेक्टेयर में जैविक और 750 हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया गया है, जबकि 9,100 नए किसानों का पंजीकरण हुआ है.
औद्योगिक निवेश, पर्यटन विकास और पांडुलिपि संरक्षण
जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए 18 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना प्रक्रियाधीन है, जिससे ₹493.60 करोड़ का निवेश और 846 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा. वहीं, सिमरिया धाम के सौंदर्यीकरण, कावर झील व जयमंगला गढ़ में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ 'ज्ञान भारतम्' अभियान के तहत 75 वर्ष से अधिक पुरानी ऐतिहासिक पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है.
