रंगदारी नहीं देने पर सिमरियाधाम में छह राउंड फायरिंग, दुकान के स्टाफ से मारपीट

सिमरिया में दिनदहाड़े लूट, छिनतई, गोलीबारी, रंगदारी की घटना पुलिस प्रशासन के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है.

बीहट. सिमरिया में दिनदहाड़े लूट, छिनतई, गोलीबारी, रंगदारी की घटना पुलिस प्रशासन के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है. हाल के दिनों में अपराधियों का मनोबल बढ़ता हुआ दिख रहा है. फिलवक्त यहां आने वाले न तो श्रद्धालु सुरक्षित हैं और न ही दुकानदार. गुरुवार को एक बार फिर इन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी का फायदा उठाते हुए दुकानदारों से लेवी वसूली के लिए घूम-घूमकर लगभग आधा दर्जन गोलियां चलायी, दुकान का मालिक नहीं मिला, तो लाठी से दुकान के स्टाफ की पिटाई करते हुए बाॅस से मिलने की धमकी दी और कहा दुकानदारी करना है तो रंगदारी देना ही होगा. इसके बाद भयभीत दुकानदारों ने घटना के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर दी. घटना की जानकारी मिलते ही सदर डीएसपी-टू पंकज कुमार, जीरोमाइल सर्किल इंस्पेक्टर राजेश कुमार और चकिया थानाध्यक्ष नीरज कुमार चौधरी दलबल के साथ सिमरिया धाम पहुंचे और दुकानदारों से मिलकर घटना की जानकारी ली. पीड़ित दुकानदारों द्वारा अज्ञात अपराधियों के खिलाफ लिखित आवेदन दिया गया है. डीएसपी-2 पंकज कुमार ने कहा अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी और जल्द ही इस घटना में शामिल सभी अपराधियों को गिरफ्तार किया जायेगा. वहीं घटना के समय घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने कहा सिमरिया घाट में दूर-दूर से लोग आते हैं,लेकिन यहां तो कोई सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं है. घटना के बाद बिना नहाये ही डर के साये में कई परिवार लौट गये. वहीं सभी दुकानों के बंद रहने से श्रद्धालुओं को काफी परेशानियां हो रही थी.मौके पर बरौनी सीओ सूरजकांत,जिला पार्षद नीतीश कुमार,संवेदक दिलीप कुमार,उपमुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार,कुमार राजा,रौदी कुमार सहित अन्य लोग मौजूद थे.

अपराधियों ने आते ही शुरू कर दी मारपीट

घटना गुरूवार की सुबह साढ़े बजे से नौ बजे के बीच की है. एक बिना नंबर की बाइक से तीन हथियारबंद अपराधी आये और दुकानदारों पर टूट पड़े. इस क्रम में उन्होंने घूम-घूमकर मोहन साव की त्रिभुवन मिष्ठान भंडार,गुड्डु झा की नीलकमल होटल,विनोद साव की मां विंध्यवासिनी होटल और रवीन्द्र महतों के मनिहारी दुकान पर पहुंचे और मालिक को खोजते हुए जो सामने मिला उसको लाठी से मारना चालू कर दिया. उन्होंने धमकी देते हुए कहा जान बचाना है तो बाॅस से मिलो.दुकान और जान बचाना है तो रंगदारी देना ही होगा.स्थानीय दुकानदारों की बात मानें तो मारपीट के क्रम में आधा दर्जन गोलियां चलायी गयी.वहीं मनिहारी दुकान पर चली गोली से दुकानदार रवीन्द्र महतों का करीब दो साल का नाती दिलखुश कुमार बाल-बाल बच गया,गोली उसको छूकर निकल गयी. मारपीट में ललन सहनी,रवीन्द्र निषाद,विदेशी साव के घायल होने की बात बतायी गयी.पुलिस ने एक खाली खोखा भी बरामद किया है.

सुरक्षा की मांग को लेकर दुकानदारों ने दिया लिखित आवेदन

करीब छह घंटा से सिमरिया घाट में सभी दुकानों के बंद रहने से आने वाले श्रद्धालुओं की परेशानी को देखते हुए पुलिस पदाधिकारियों ने दुकान खोलने के लिए दुकानदारों के साथ बैठक की. दुकानदारों ने एक स्वर से अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर करते हुए सिमरिया घाट में तीनों शिफ्ट में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की. उन्होंने कहा यह सिर्फ आज की घटना नहीं है,कमोबेश प्रतिदिन अपराधियों का कोपभाजन हम दुकानदारों को बनना पड़ता है. पुलिस पदाधिकारियों के आश्वासन के बाद बंद दुकानों को खोला गया. बताते चलें कि सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक भवन में बीएमपी और सर्वमंगला आश्रम के समीप होमगार्ड के जवानों को प्रतिनियुक्त किया गया है,लेकिन यह नाकाफी है.पहले से भी सिमरिया में स्थायी चौकी की मांग लोगों द्वारा की जाती रही है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है.

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Published by: Manish kumar

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