दियारा में बाढ़ का कहर, पानी में डूबी सड़कें; गांवों तक पहुंचने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा

गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने बेगूसराय के दियारा इलाकों में बाढ़ की भयावह स्थिति पैदा कर दी है. शाम्हो में सड़कें पानी में डूब गई हैं और लोगों के आवागमन के लिए नाव ही एकमात्र सहारा बची है. वहीं, बछवाड़ा में जमींदारी बांध से हो रहे रिसाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे उनकी सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद होने का खतरा मंडरा रहा है.

गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के साथ बेगूसराय के दियारा इलाकों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है.शाम्हो दियारा क्षेत्र में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने के कारण अधिकांश सड़कें जलमग्न हो गई हैं.कई स्थानों पर सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है.ऐसे में ग्रामीणों के आवागमन का एकमात्र सहारा अब नाव रह गया है.क्षेत्र की स्थिति देखकर ग्रामीणों में वर्ष 2016 और 2021 जैसी भीषण बाढ़ की आशंका को लेकर चिंता बढ़ गई है.शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे तक सरकारी स्तर पर महज एक नाव का परिचालन शुरू हो सका था.ग्रामीणों के अनुसार अन्य नावों के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है.

लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से करीब चार-पांच दिन पहले ही क्षेत्र को अलर्ट कर दिया गया था,लेकिन बाढ़ पूर्व तैयारियों की वास्तविक स्थिति धरातल पर संतोषजनक नजर नहीं आ रही है.शाम्हो दियारा के कई इलाकों में पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है. सामान्य आवागमन प्रभावित होने के कारण ग्रामीणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने के लिए नाव का इंतजार करना पड़ रहा है.स्थानीय लोगों का कहना है कि नावों का परिचालन गुरुवार शाम से ही शुरू हो जाना चाहिए था.

बाढ़ के पानी से बढ़ी लोगों की मुश्किलें

बाढ़ के पानी के लगातार बढ़ने से ग्रामीणों के बीच भय का माहौल है. लोगों को सबसे अधिक चिंता आवागमन,खाद्य सामग्री,पशुओं के चारे और आपात स्थिति में मरीजों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की है.ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते पर्याप्त नावों की व्यवस्था नहीं होने के कारण बाढ़ की स्थिति में वे खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं. फिलहाल दियारा क्षेत्र के लोगों की नजर प्रशासनिक व्यवस्था के साथ-साथ गंगा के जलस्तर पर भी टिकी हुई है.

बछवाड़ा में जमींदारी बांध से जगह-जगह रिसाव, किसानों में हड़कंप

इधर,बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र में भी बाढ़ का असर गंभीर होता जा रहा है.जल संसाधन विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए किसानों ने जमींदारी बांध की स्थिति को लेकर चिंता जताई है.गोघना पंचायत से गोविंदपुर-तीन पंचायत के रूपसवाज गांव तक पूर्व से निर्मित जमींदारी बांध में जगह-जगह पानी का रिसाव शुरू हो गया है.बाढ़ का पानी बढ़ने के साथ बांध से हो रहे रिसाव की सूचना मिलते ही आसपास के किसानों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया.किसानों का कहना है कि यदि समय रहते रिसाव को नहीं रोका गया और बांध में कहीं टूट हुई तो सैकड़ों एकड़ में लगी फसल बर्बाद हो सकती है.

बांध टूटा तो सैकड़ों एकड़ फसल हो जाएगी बर्बाद

किसान चंदन कुमार सिंह,पिंकू कुमार सिंह,मिथिलेश सिंह,राम आधार राय,फिरोज राय,पंकज सिंह और धीरज सिंह ने बताया कि बाढ़ आने से पहले जल संसाधन विभाग की ओर से जमींदारी बांध की पर्याप्त देखरेख नहीं की जाती है.यही कारण है कि बाढ़ का पानी बढ़ते ही कई जगह बांध से रिसाव शुरू हो जाता है. किसानों ने कहा कि जमींदारी बांध और गुप्ता बांध के बीच बड़े पैमाने पर खेती की गई है.

किसानों ने अपनी मेहनत और महंगी लागत लगाकर खेतों में मिर्च,विभिन्न प्रकार की सब्जियां,ओल,धान,मक्का और मवेशियों के लिए चारा लगाया है. यदि बांध टूटता है तो खेतों में जमा पानी इन फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर सकता है.किसानों का कहना है कि वे खेती पर ही निर्भर हैं और फसल बर्बाद होने की स्थिति में उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा.

खेती ही हमारे परिवार के जीवन-यापन का सहारा

किसानों ने कहा कि वे किसान परिवार से आते हैं और खेती ही उनके परिवार के जीवन-यापन का मुख्य साधन है.बाढ़ के पानी से फसल बर्बाद हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.

उन्होंने प्रशासन और जल संसाधन विभाग से मांग की कि बांध की तत्काल निगरानी बढ़ाई जाए और जहां-जहां पानी का रिसाव हो रहा है,वहां युद्धस्तर पर काम कर पानी को रोका जाए. किसानों का कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो जमींदारी और गुप्ता बांध के बीच का पूरा कृषि क्षेत्र बाढ़ के पानी की चपेट में आ सकता है.

बोले सीओ,रात-दिन चल रहा काम,रिसाव वाले स्थानों को किया जा रहा बंद

मामले को लेकर अंचलाधिकारी प्रीतम गौतम ने बताया कि जल संसाधन विभाग की टीम जमींदारी बांध पर रात-दिन काम कर रही है.जहां-जहां बाढ़ के पानी का रिसाव हो रहा है,उसे बंद करने का काम किया जा रहा है.प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है.

बलिया,मटिहानी और साहेबपुरकमाल में भी बाढ़ का असर तेज

बछवाड़ा और शाम्हो के अलावा बलिया,मटिहानी और साहेबपुरकमाल प्रखंड के कुछ इलाकों में भी बाढ़ के पानी का असर जबरदस्त दिखाई दे रहा है.निचले इलाकों में पानी बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. ग्रामीणों को अपने घर,खेत,पशुधन और फसल की चिंता सताने लगी है.बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी रहने से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है.एक तरफ शाम्हो दियारा में सड़कें डूबने से नाव ही आवागमन का सहारा बन गई है,तो दूसरी तरफ बछवाड़ा में जमींदारी बांध से हो रहा रिसाव किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गया है.

अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की तैयारियों और गंगा के जलस्तर पर टिकी है.समय रहते बांधों को सुरक्षित करने और पर्याप्त नावों की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है.

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By विकास कुमार

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