Begusarai Female Students Molestation : बिहार के बेगूसराय जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है. वीरपुर प्रखंड की भवानंदपुर पंचायत में मनचलों के बढ़ते आतंक ने स्कूली छात्राओं, उनके अभिभावकों और शिक्षकों की नींद उड़ा दी है. स्कूल आते-जाते समय छात्राओं पर अभद्र टिप्पणियां और फब्तियां कसी जा रही हैं. मनचलों की इन हरकतों से इलाके में भय का माहौल है. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने वीरपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस से तुरंत कड़े कदम उठाने की मांग की है.
स्कूलों के पास मनचलों का लगा रहता है जमावड़ा
यह पूरा मामला भवानंदपुर पंचायत स्थित मध्य विद्यालय पानापुर और उच्च माध्यमिक विद्यालय, भवानंदपुर का है. आरोप है कि विद्यालय खुलने और छुट्टी होने के समय कुछ मनचले युवक सड़क किनारे और स्कूल परिसर के आसपास जानबूझकर जमा हो जाते हैं. ये युवक स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं को देखकर अभद्र टिप्पणियां करते हैं और छेड़खानी का प्रयास करते हैं. इन घटनाओं के कारण छात्राओं में भारी असुरक्षा और डर का माहौल बन गया है.
छात्राओं की पढ़ाई पर मंडरा रहा है खतरा
मनचलों की इस गुंडागर्दी का सीधा असर छात्राओं की शिक्षा पर पड़ रहा है. स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि अगर ऐसा ही माहौल रहा, तो लड़कियां स्कूल जाना छोड़ देंगी. अभिभावक इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि अगर समय रहते प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो उनकी बेटियों की पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो जाएगी.
मुखिया और सरपंच ने पुलिस को सौंपा आवेदन
छात्राओं की सुरक्षा को खतरे में देखते हुए भवानंदपुर पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा संभाल लिया है. पंचायत के मुखिया दीपक कुमार और सरपंच राजाराम पासवान ने संयुक्त रूप से वीरपुर थाना अध्यक्ष को एक लिखित आवेदन सौंपा है. इस शिकायत पत्र में उन्होंने पुलिस से विद्यालय परिसर और उसके आसपास नियमित गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाने की मांग की है. साथ ही मनचलों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है.
प्रशासन को दी गई बड़े आंदोलन की चेतावनी
जनप्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि विद्यालय शिक्षा का पवित्र मंदिर है. वहां पढ़ने आने वाली छात्राओं को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है. मुखिया और सरपंच ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने शीघ्र ही कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया, तो वे ग्रामीणों और अभिभावकों के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
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