Begusarai News: बेगूसराय जिले के विश्वप्रसिद्ध सिमरिया धाम स्थित गंगा तट पर आगामी 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है. मंगलवार को बेगूसराय सदर एसडीओ अश्विनी कुमार ने आला अधिकारियों की टीम के साथ घाटों का जायजा लिया और अधिकारियों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के कड़े निर्देश जारी किए.
सिमरिया धाम पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी
निरीक्षण के दौरान सदर एसडीओ के साथ सदर एसडीपीओ-2 कुमारी दुर्गा शक्ति, बरौनी सीओ हेमंत अंकुर, बीहट नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अवनीश कुमार और स्थानीय पुलिस व तकनीकी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों की इस टीम ने पूरे मेला क्षेत्र और स्नान घाटों का बारीकी से मुआयना किया.
मूलभूत सुविधाओं के निर्देश जारी
सदर एसडीओ ने घाटों पर साफ-सफाई, खतरनाक स्थानों की बैरिकेडिंग, पेयजल, रोशनी और शौचालय की चाक-चौबंद व्यवस्था करने का निर्देश दिया. महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्नान घाटों पर आठ चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे, जबकि निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए बंद पड़ी सभी हाई मास्ट लाइटों को चालू करने का आदेश दिया गया है.
सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्य स्नान घाटों पर सीसीटीवी कैमरे और सूचना केंद्र स्थापित किए जाएंगे. जल सुरक्षा के लिए रबर बोट के साथ एसडीआरएफ की टीम और स्थानीय गोताखोरों की तैनाती रहेगी. इसके अलावा, घाटों पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को हटाने के लिए बरौनी सीओ और पुलिस को निर्देशित किया गया है.
स्वास्थ्य सेवा और ट्रैफिक व्यवस्था
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए तीन शिफ्टों में मेडिकल टीम तैनात रहेगी. वाहनों और डीजे के घाट तक सीधे प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, जिसके लिए अलग से पार्किंग स्थल तय किए जा रहे हैं. बिजली कटने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के लिए नगर परिषद को जनरेटर तैयार रखने का निर्देश दिया गया है.
पवित्र तीर्थ नगरी है सिमरिया
उल्लेखनीय है कि सावन महीने में सिमरिया गंगा तट पर लाखों की संख्या में कांवरिया और डाक बम जल भरने पहुंचते हैं. यहां से जल लेकर शिवभक्त हरिगिरी धाम (गढ़पुरा), अशोक धाम (लखीसराय) और बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) के लिए रवाना होते हैं. प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस बार श्रद्धालुओं को किसी भी लज्जास्पद या असविधाजनक स्थिति से बचाना है.
