Begusarai News: बेगूसराय जिले के बिहट में सर्वमंगला ज्ञान मंच पर गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर आयोजित त्रिदिवसीय संगोष्ठी के दूसरे दिन का शुभारंभ स्वामी चिदात्मन जी महाराज के पावन सान्निध्य में हुआ. पंडित नारायण झा द्वारा किए गए वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया. मिथिला परंपरा के अनुसार सभी आगत अतिथियों को पाग, चादर और पुष्पमाला भेंटकर सम्मानित किया गया.
सत्कर्म और सदाचार से मनुष्य में आता है देवत्व
विषय प्रवेश कराते हुए शक्ति समिति की अध्यक्षा उषा रानी ने कहा कि जीवात्मा की अमरता संचित, प्रारब्ध और क्रियामाण कर्मों पर निर्भर करती है. कर्म बंधनों से मुक्ति ही मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग है.
मुख्य अतिथि पूर्व प्राचार्य डॉ. सच्चिदानंद पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि "साधना जीवात्मा को परमात्मा बना देती है." उन्होंने कहा कि 84 लाख योनियों में मनुष्य सर्वोत्तम जीव है और यह योनि देवत्व प्राप्त करने का प्रवेश पत्र है. सत्कर्म, सत्संगति और सदाचार के माध्यम से मनुष्य जीवन को परमात्मा के रूप में प्रतिष्ठित कर सकता है.
कर्म से ही बनती है व्यक्ति की असली पहचान
विशिष्ट अतिथि बेगूसराय नगर निगम की उप महापौर अनिता राय ने कहा कि व्यक्ति की पहचान उसके कर्मों से होती है, इसलिए हर मनुष्य को अच्छे कर्मों के लिए समय अवश्य निकालना चाहिए.
अतिथि धनंजय श्रोत्रिय ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मानव को अमरता पाने के लिए संत तुलसीदास द्वारा बताई गई 'नवधा भक्ति' के मार्ग पर चलना चाहिए. यदि हम प्रतिदिन अपनी एक बुराई या खामी का त्याग करें, तो निश्चित ही अमरता और शांति की प्राप्ति होगी.
संगोष्ठी में प्रो. राम चन्द्र प्रसाद सिंह एवं आचार्य नारायण झा ने भी अपने विचार रखे.
सर्वमंगला परिवार के सदस्य रहे मौजूद
कार्यक्रम का सफल संचालन न्यास के सचिव सत्यानंद जी ने किया, जबकि समीक्षात्मक धन्यवाद ज्ञापन प्रो. राम चन्द्र प्रसाद सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया.
इस अवसर पर सर्वमंगला परिवार के महासचिव राज किशोर प्रसाद सिंह, सचिव दिनेश प्रसाद सिंह, कोषाध्यक्ष नवीन कुमार सिंह, मीडिया प्रभारी नीलमणि, प्रवक्ता प्रो. पी. के. झा 'प्रेम', व्यवस्थापक रवींद्र ब्रह्मचारी श्याम, पप्पू कुमार, राधा रमण चौधरी, राम भारद्वाज, लक्ष्मण, विनय कुमार झा, रमेश झा, राजेश झा, दिनेश झा, विपिन कुमार सिंह, रोचकानंद वत्स, रंजना कुमारी, बुच्ची देवी, सुनीता देवी, पूनम देवी और जगतपुरनी देवी सहित कई श्रद्धालु व गणमान्य लोग उपस्थित थे.
