माता-पिता, गुरु व भगवान के वचन को हमेशा आत्मसात करना चाहिए : प्रभाकर

प्रखंड क्षेत्र के पर्रा गांव में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत भागवत महापुराण के छठे दिन शनिवार को छतीसगढ़ के कोरवा से पहुंचे कथावाचक प्रभाकर पांडेय ने गंगा अवतरण व कला कालांश कथा का पाठ किया.

वीरपुर. प्रखंड क्षेत्र के पर्रा गांव में आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत भागवत महापुराण के छठे दिन शनिवार को छतीसगढ़ के कोरवा से पहुंचे कथावाचक प्रभाकर पांडेय ने गंगा अवतरण व कला कालांश कथा का पाठ किया. जिसमें उन्होंने कहा कि गुरु के बताए गए मंत्र पर कभी कोई संदेह नहीं कर,अटूट विश्वास के साथ उसे ग्रहण करना चाहिए. जीवन में गुरु को अवश्य बनाना चाहिए.माता-पिता,गुरु व भगवान के वचन को हमेशा के लिए ग्रहण करना चाहिए. क्योंकि ये सभी हमेशा ही सही रास्ता दिखाते हैं.यदि कोई पंडित यज्ञ पूजन के दौरान अगर ठीक से पूजा-पाठ नहीं किए तो इसका सीधा दोष उन्हें ही लगते हैं.ब्राह्मण समाज में आठ वर्षों में ही बालकों को यज्ञोपवीत संस्कार कर देना चाहिए,ऐसा प्रमाण शास्त्रों में दिया गया है. उन्होंने कहा कि शास्त्र,वेद,व पुराण में बताए गए रास्ते पर चलने से ही हमारा कल्याण होगा. अच्छे कार्य करने से हमेशा अच्छे ही फल मिलते हैं. कथा के दौरान ही उन्होंने माता दुर्गा व राधे- कृष्ण के कई भजनों की प्रस्तुति की. जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं ने खूब पसंद किया इस अवसर पर आयोजन समिति सह समाजसेवी विपिन कुमार सिंह,पंचायत समिति सदस्य नवीन कुमार सिंह,सरपंच अनिल सिंह,वार्ड सदस्य निशांत झा,पंच अजीत सिंह,मनोज झा,मनोज कुमार सिंह,जितेंद्र सिंह,अर्जुन सिंह सहित सैकड़ों महिला-पुरूष श्रद्धालु उपस्थित थे.

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By MANISH KUMAR

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