Battery Energy Storage : एनटीपीसी बरौनी में देश का सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) स्थापित किया जा रहा है. यह पूरे बिहार और बेगूसराय के लिए गर्व की बात है. यह जानकारी एनटीपीसी बरौनी के परियोजना प्रमुख जयदीप घोष ने बुधवार को एनटीपीसी उपनगरी में आयोजित मीडिया संवाद कार्यक्रम में दी.
2032 तक 149 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य
जयदीप घोष ने कहा कि एनटीपीसी समूह वर्तमान में 90 गीगावाट की स्थापित क्षमता के साथ कार्य कर रहा है और वर्ष 2032 तक 149 गीगावाट क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है. इसमें 60 गीगावाट बिजली सौर, जल एवं पवन जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से उत्पादित की जाएगी. उन्होंने कहा कि एनटीपीसी बरौनी केवल बिजली उत्पादन में ही नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्वों के निर्वहन में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है.
तीन वर्षों से दुर्घटनामुक्त रहा संयंत्र
उन्होंने बताया कि एनटीपीसी बरौनी सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है. इसी का परिणाम है कि पिछले तीन वर्षों में परियोजना में किसी भी प्रकार की दुर्घटना दर्ज नहीं हुई है. सुरक्षित कार्य संस्कृति को संस्थान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल किया जा सकता है.
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय सुरक्षा पुरस्कार से सम्मानित
परियोजना प्रमुख ने बताया कि उत्कृष्ट सुरक्षा मानकों के लिए एनटीपीसी बरौनी को वर्ष 2026 का ब्रिटिश सेफ्टी काउंसिल इंटरनेशनल सेफ्टी अवार्ड में 'मेरिट विनर' श्रेणी का सम्मान मिला है. इसके अलावा नेशनल सेफ्टी काउंसिल ऑफ इंडिया ने सेफ्टी अवार्ड-2025 के तहत 'सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट' प्रदान किया है. उन्होंने कहा कि ये सम्मान संस्थान की मजबूत सुरक्षा संस्कृति और सुरक्षित कार्यस्थल के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं.
मीडिया के सुझावों पर पहल का भरोसा
मीडिया से संवाद के दौरान जयदीप घोष ने एनटीपीसी की विभिन्न परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं की जानकारी साझा की. इस अवसर पर प्रचालन एवं अनुरक्षण के मुख्य महाप्रबंधक अनिल कुमार त्रिपाठी, मानव संसाधन के अपर महाप्रबंधक डी.एस. कुमार, प्रोजेक्ट अपर महाप्रबंधक महेश अलुगोलु, पर्यावरण विभाग के अपर महाप्रबंधक अबनि कुमार बाग, सीएसआर के उप महाप्रबंधक के.एन. मिश्रा, नैगम संचार के उप प्रबंधक उमेश निगम सहित मानव संसाधन, सीएसआर और टीएस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे.
