बेगूसराय जिले के नावकोठी प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए 'सुरक्षित शनिवार' कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
इस अवसर पर विद्यालयों के फोकल शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को विशेष रूप से भूकंप के कारण और उससे होने वाली जानमाल की क्षति से बचाव के विभिन्न उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
उत्क्रमित मध्य विद्यालय सैदपुर विष्णुपुर में फोकल शिक्षक ने बच्चों को समझाते हुए बताया कि भूमिगत चट्टानों के अचानक टूट जाने और आपस में तेज गति से टकराने के कारण अचानक कंपन पैदा होता है, जिससे भूकंपीय तरंगें बनती हैं और जमीन हिलने लगती है. हमारी पृथ्वी की संरचना विभिन्न प्लेटों पर आधारित है और इन्हीं प्लेटों के आपस में टकराने के दौरान भूकंप जैसी घटनाएं होती हैं. भूकंप से बड़े पैमाने पर नुकसान होता है और कभी-कभी यह एक भारी त्रासदी का रूप ले लेता है.
भूकंप के दौरान क्या करें और क्या नहीं?
बच्चों को आपदा से सुरक्षित रहने के लिए कई महत्वपूर्ण और व्यावहारिक निर्देश दिए गए:
- घर के अंदर होने पर: यदि आप घर के अंदर हैं, तो किसी मजबूत चौकी, टेबल या अन्य फर्नीचर के नीचे छुपकर बैठ जाएं और अपने दोनों हाथों से सिर और चेहरे को अच्छी तरह ढक लें.
- झटके रुकने का इंतजार: भूकंप के झटके आने तक घर के अंदर ही सुरक्षित स्थान पर रहें और झटके पूरी तरह रुकने के बाद ही सावधानी से बाहर निकलें.
- रात के समय बचाव: यदि रात के वक्त भूकंप आता है और आप बिस्तर पर लेटे हैं, तो वहीं लेटे रहें और तकिए से अपने सिर को सुरक्षित रूप से ढक लें.
- बिजली उपकरण बंद करें: घर के सभी बिजली से चलने वाले उपकरणों को बंद कर दें और मुख्य बोर्ड पर बल्ब व अन्य चीजों के स्विच ऑफ कर दें.
- खुले स्थान पर रहें: यदि आप घर से बाहर हैं, तो जहां हैं वहीं रहें और किसी बड़ी बिल्डिंग, स्ट्रीट लाइट या बिजली व टेलीफोन के तारों से हमेशा दूर रहें.
- निकास द्वारों से बचें: किसी भी इमारत के बाहर निकलने वाले निकास द्वार और उसकी बाहरी दीवारों के पास सबसे ज्यादा खतरा होता है, इसलिए खुले मैदान या सुरक्षित खुली जगह पर ही रुकें.
कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने सभी बच्चों से अपील की कि वे स्कूल में सीखी गई इन महत्वपूर्ण जानकारियों को अपने परिवार और आसपास के लोगों के साथ साझा करें, ताकि समाज में जागरूकता बढ़ सके. इस अवसर पर संजीत कुमार महतो, ललन कुमार, इन्दु कुमारी, शंभू महतो, मनटुन महतो, रणधीर कुमार, प्रियरंजन कुमार, अशोक शर्मा, संतोष कुमार, मिन्नतुल्लाह, हरिहर सहनी, धर्मशील कुमार सहित मीना मंच, बाल संसद, बाल प्रेरक और स्कूल के तमाम शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे.
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