पहसारा मिडिल स्कूल में मुस्लिम बच्चों को मिलेगी उर्दू की शिक्षा

प्रखंड के पहसारा मिडिल स्कूल में आजादी के बाद पहली बार मुस्लिम बच्चों को उर्दू पठन-पाठन का मौका मिलेगा.

नावकोठी. प्रखंड के पहसारा मिडिल स्कूल में आजादी के बाद पहली बार मुस्लिम बच्चों को उर्दू पठन-पाठन का मौका मिलेगा. हेडमास्टर रामसुजान सिंह ने कक्षा रूटिन में इसे शामिल कर उर्दू भाषा के पढाई की शुरुआत करायी है. इससे अल्पसंख्यक समाज से जुड़े छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों में खुशी का माहौल है. पहसारा के ग्रामीण वार्ड सदस्य प्रतिनिधि मो असलम, मो नौशाद, जावेद अब्दुल अलीम, इरफान, अलाउद्दीन अली, जियाउद्दीन सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उर्दू शिक्षक के बहाली के बावजूद वर्षों से उर्दू विषय की पढ़ाई नहीं शुरू की गयी थी. बच्चों में इस विषय का ज्ञान बढ़े, मुसलमानों की मातृभाषा उर्दू है और राज्य की द्वितीय सरकारी भाषा भी उर्दू है. लेकिन उर्दू टीचर के तैनाती के बावजूद भी विगत कई सालों से हम लोग मांग करते आ रहे थे के उर्दू की सुचारू व्यवस्था हो. हालांकि इस सिलसिले में उर्दू विषय के टीआरइ 03 के शिक्षक मो आबिद और हेडमास्टर राम सुजान सिंह के बीच उर्दू विषय की घंटी को लेकर हुए गतिरोध के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने इसे रूटीन में शामिल करने का निर्देश दिया.फिलहाल शिक्षक मो आबिद को पहसारा से हटाकर वीरपुर प्रखंड में स्थानांतरित किया गया है. अपने संघर्ष के बल पर हेडमास्टर को उर्दू विषय को विद्यालय के दैनिक कार्य तालिका में शामिल कराया. स्थानीय लोग उर्दू विषय की पढ़ाई शुरू होने के बाद इसका श्रेय पदाधिकारी एवं मो आबिद को दिया है.

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Published by: Manish kumar

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