गन्ना खेती में यांत्रीकरण है जरूरी : अशोक मित्तल

आप अपने खेतों में गन्ना लगाने में यांत्रिकरण का प्रयोग जरूर करें. अगर आपलोग किसानी में यांत्रिकरण का प्रयोग नही करेंगे तो आपके खेतों में अधिक मजदूर लगेंगे तो आपको नुकसान होगा.

गढ़पुरा. आप अपने खेतों में गन्ना लगाने में यांत्रिकरण का प्रयोग जरूर करें. अगर आपलोग किसानी में यांत्रिकरण का प्रयोग नही करेंगे तो आपके खेतों में अधिक मजदूर लगेंगे तो आपको नुकसान होगा उक्त बातें शुक्रवार को कुम्हारसों पंचायत भवन परिसर में आयोजित किसान कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए हसनपुर चीनी मिल के कार्यपालक अध्यक्ष अशोक मित्तल ने कहा. उन्होंने कहा कि अभी चीनी मिल में गन्ना रोपाई, कटाई, छिलाई, गहरी जोताई समेत विभिन्न प्रकार की मशीन उपलब्ध है जहाँ कम खर्च पर किसानों के लिए उपलब्ध है.बिहार सरकार के गन्ना विभाग के सहायक निदेशक धर्मवीर सिंह ने कहा कि गन्ना का पौधा नर्सरी से लगाने से आपको अधिक लाभ होगा और कम लागत में किसानों को अधिक पैदावार होगा. गन्ना को सामान्य दुरी पर यानी चार फिट गन्ना लगाने से आपको अधिक उपज होगा. उन्होंने कहा कि सरकार का जो भी योजना है हमलोग किसानों को मुहैया करबाते हैं. हसनपुर चीनी मिल के भीपी केन सुरेन्द्र पाल सिंह ने कहा कि 60 लाख क्विंटल गन्ना का पेराई पिछले वर्ष हुआ था. दिन प्रतिदिन गन्ना का रकबा कम हो रहा है. यह ध्यान देने योग्य बात है क्योंकि जबतक गन्ना का रकबा नही बढ़ेगी तो उपज नही बढ़ सकता है और जब गन्ना कम होगा तो चीनी मिल भी बंद हो सकता है ऐसे में किसानों को काफी नुकसान होगा. उन्होंने बताया कि जब गन्ना देने के चौदह दिनों के अंदर चीनी मिल किसानों को आपका पेमेंट दे रही है तो हम अधिक से अधिक गन्ना क्यों नही उपजायेंगे. बताया गया कि गन्ना का 238 प्रभेद बहुत पुरानी हो चुकी है अब अधिक उपज के लिए नये प्रभेद का भी प्रयोग करें. खेत में जो गन्ना लगाते हैं उसके लिए अलग से बीज लगाया जाय. उसकी देखभाल सही तरिके से करें उसमें रोग नही लगे तो इस बीज से अधिक उपज हो सकता है. मुरहन गन्ना के काटने के बाद उसमें अच्छी नमी नही हो तो कटाई के दो से तीन दिनों के अंदर उसमें पानी डालें तो आपके खूंटी का उपज जरूर अधिक होगा लेकिन पानी देने में देर किया तो आपको नुकसान होगा. इस दौरान किसानों को गन्ना में होने बाले रोग के बारे में राहत बचाव के बारे में किसानों को जानकारी दी गई. चीनी मिल के उप महाप्रबंधक रमाशंकर प्रसाद ने बताया कि आप मिल में जो बैंक खाता दिये हैं वह सही दें. उसको अपडेट करबायें जिससे किसानों के गन्ना का रुपया आसानी से आपके खाता में जा सके. आप जिस बैंक खाता का उपयोग करते हैं उसमें मोबाइल नंबर जरूर जुड़बाएँ जिससे आपके खाते में जो भी राशि जाता है तो आपको स्पष्ट पता चल सके कि चीनी मिल कब रुपया भेजा है या नही भेजा है. गन्ना पैमाईस में कोई शिकायत हो तो आप मिल में आवेदन दें आपके समस्या का निदान जरूर किया जायेगा. मौके पर शंभू प्रसाद राय, किसान शंभू सिंह, रमाकांत यादव समेत सैकड़ो किसान मौजूद थे.

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Published by: Manish kumar

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