Begusarai News : बेगूसराय जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में सोमवार को आगामी राजकीय सिमरिया कल्पवास मेला, 2026 की पूर्व तैयारियों और सुचारू प्रबंधन को लेकर समाहरणालय स्थित कारगिल विजय सभा भवन में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में मेले के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया.
18 अक्टूबर से 24 नवंबर तक चलेगा कल्पवास मेला
इस वर्ष राजकीय सिमरिया कल्पवास मेला 18 अक्टूबर से 24 नवंबर तक कुल 38 दिनों तक आयोजित होगा. उत्तरवाहिनी गंगा तट पर स्थित पवित्र सिमरिया धाम में कल्पवास की प्राचीन और समृद्ध धार्मिक परंपरा रही है. देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. वर्ष 2008 में सिमरिया कल्पवास मेले को राजकीय मेले का दर्जा प्रदान किया गया था.
घाटों पर प्रकाश, पेयजल और चेंजिंग रूम की होगी व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, अस्थायी शौचालय और महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. मेला क्षेत्र और पहुंच पथों पर नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था की जाएगी. नगर निगम, संबंधित नगर निकाय और पीएचईडी के समन्वय से कचरा प्रबंधन, डस्टबिन, चलंत शौचालय और पानी के टैंकर की व्यवस्था की जाएगी.
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श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ और गोताखोर रहेंगे तैनात
गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नाव, महाजाल, गोताखोर और एसडीआरएफ की टीम तैनात रहेगी. भीड़ नियंत्रण और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस बल और गृह रक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी. प्रमुख घाटों, मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे और वॉच टावर के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की जाएगी.
विशेष स्नान के दौरान लागू होगा ट्रैफिक प्लान
मेले और विशेष स्नान के दौरान श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया जाएगा. राजेंद्र पुल पर जाम की समस्या से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और गृह रक्षकों की तैनाती की जाएगी. जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए पूर्व से आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया.
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विद्युत सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर
विद्युत सुरक्षा को लेकर अस्थायी विद्युत कनेक्शन, खुले तारों को सुरक्षित करने और 25 केवीए ट्रांसफार्मर की सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. विद्युत कार्यपालक अभियंता, बरौनी से आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त करने को भी कहा गया. वहीं, श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस, चिकित्सक और पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती की जाएगी. मेला क्षेत्र में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जाएगा. खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा निरीक्षकों द्वारा नियमित जांच की जाएगी.
जिला नियंत्रण कक्ष और खोया-पाया केंद्र होगा स्थापित
आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला नियंत्रण कक्ष, सिमरिया घाट कंट्रोल रूम और खोया-पाया केंद्र की स्थापना की जाएगी. मेला आयोजन के लिए टेंट, बैरिकेडिंग, ड्रॉप गेट, लाइट और साउंड सिस्टम आदि की व्यवस्था हेतु निविदा प्रकाशित की जा चुकी है. निविदा को 31 अगस्त 2026 को खोला जाएगा.
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सिमरिया कल्पवास मेले में आने वाले सभी कल्पवासियों, साधु-संतों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. बैठक में उप विकास आयुक्त आकाश चौधरी, अपर समाहर्ता बृज किशोर चौधरी, नगर आयुक्त सोमेश बहादुर माथुर, सिविल सर्जन बेगूसराय, अनुमंडल पदाधिकारी बेगूसराय सहित अन्य पदाधिकारी और कल्पवास मेला समिति के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
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