बेगूसराय. मिडवाइफरी एवं एएसपी कार्यक्रम पर जिले में वर्तमान स्थिति पर समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. जिला कार्यक्रम प्रबंधक द्वारा कार्यशाला में मीडवाइफरी एवं एनएसपी कार्यक्रम की जिले में वर्तमान स्थिति पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया. उन्होंने जिले में उपलब्ध मानव संसाधन, मीडवाइफरी प्रशिक्षण की प्रगति, संस्थागत प्रसव की स्थिति, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की पहचान, समय पर रेफरल व्यवस्था तथा सेवा प्रदायगी से संबंधित आंकड़ों को साझा किया. उन्होंने सभी प्रखंडों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम से संबंधित सभी गतिविधियों का क्रियान्वयन निर्धारित मानकों के अनुसार सुनिश्चित किया जाए तथा रिपोर्टिंग में किसी प्रकार की लापरवाही न हो. कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में जपाइगो स्वास्थ्य टीम एवं प्रशिक्षण दल द्वारा मीडवाइफरी मॉडल, स्किल-बेस्ड प्रशिक्षण, सुरक्षित एवं सम्मानजनक मातृत्व देखभाल, प्रसव के दौरान संक्रमण नियंत्रण, आपातकालीन प्रसूति सेवाएं, नवजात शिशु की प्रारंभिक देखभाल तथा स्तनपान को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गयी. प्रतिभागियों को केस स्टडी, समूह चर्चा एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया, जिससे वे जमीनी स्तर पर इन सेवाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकें. वहीं मातृ एवं नवजात प्रतिरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला गया. उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान एवं प्रसव के बाद समय पर टीकाकरण से मां एवं शिशु दोनों को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकता है. उन्होंने मीडवाईफरी सेवाओं एवं प्रतिरक्षण कार्यक्रम के बेहतर समन्वय पर बल देते हुए कहा कि दोनों कार्यक्रम एक-दूसरे के पूरक हैं.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
