Begusarai News: बेगूसराय जिले के राम कुमारी अयोध्या विधि महाविद्यालय (आर.के.ए. लॉ कॉलेज) में मंगलवार को माया कौशल्या फाउंडेशन के तत्वावधान में "नशा मुक्ति एवं युवा जागरूकता सेमिनार" का सफल आयोजन किया गया. इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना था. कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य मुकेश कुमार ने की, जबकि मंच संचालन सामाजिक कार्यकर्ता सुमित कुमार ने किया.
अतिथियों का किया गया सम्मान
बेगूसराय के इस सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ अधिवक्ता इजुर रहमान उपस्थित रहे. वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में बार काउंसिल ऑफ बिहार के सदस्य संजीव कुमार छोटे बाबू तथा वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई. कार्यक्रम की शुरुआत में माया कौशल्या फाउंडेशन की ओर से उपस्थित सभी सम्मानित अतिथियों का चादर एवं जीवित पौधा भेंट कर भव्य स्वागत किया गया.
राष्ट्र की प्रगति होती प्रभावित
बेगूसराय के इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता इजुर रहमान ने अपने संबोधन में कहा कि आज नशा युवाओं के भविष्य के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुका है. जब कोई युवा नशे की चपेट में आता है तो उसका दुष्प्रभाव केवल उसके परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र की प्रगति प्रभावित होती है. उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर देश को मजबूत बनाने का आह्वान किया.
दिलाई गई नशामुक्त जीवन की शपथ
बेगूसराय के लॉ कॉलेज में विशिष्ट अतिथि संजीव कुमार छोटे बाबू ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को नशामुक्त जीवन की शपथ दिलाई. उन्होंने कहा कि नशा केवल शराब या तंबाकू तक सीमित नहीं है, बल्कि अनैतिक कार्यों में लिप्त होना भी एक प्रकार का सामाजिक नशा है. वरिष्ठ अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार ने भी छात्रों से संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि नशामुक्त युवा ही सशक्त समाज की असली नींव होते हैं.
आम नागरिकों की भागीदारी जरूरी
बेगूसराय में आयोजित सेमिनार के प्रारंभ में फाउंडेशन के सचिव रौशन कुमार ने सभी का स्वागत करते हुए विषय प्रवेश कराया. उन्होंने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है. सेमिनार के दौरान नशे के दुष्परिणाम, युवाओं की सामाजिक जिम्मेदारी तथा नैतिक मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की गई.
भारी संख्या में छात्र रहे मौजूद
बेगूसराय के इस कार्यक्रम में सहायक प्राध्यापक प्रो राजकुमार सिंह, संजीत कुमार, विवेक कुमार, सनाउर रहमान, सुष्मिता मिश्रा, श्रुति, मृत्युंजय और शिक्षकेत्तर कर्मचारी राहुल, पंखुङी, अविनाश, पंकज उपस्थित रहे. इनके साथ ही छात्र-छात्राओं में कुंदन, अमन, रामसुदीन, मयंक, रणविजय, प्रशांत, शमितेश, आकांक्षा, पुष्पलता, सुमन, जैद, सुशांत, ब्यूटी और स्नेहा भारती समेत अन्य लोग उपस्थित थे.
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