Begusarai News: बेगूसराय जिले के खोदावंदपुर प्रखंड क्षेत्र की फफौत पंचायत अंतर्गत चकवा गांव (वार्ड-11) में आशा कार्यकर्ता के चयन को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. गांव के करीब 100 ग्रामीणों ने आशा कार्यकर्ता पद की अभ्यर्थी सरिता कुमारी के मानसिक स्वास्थ्य की चिकित्सकीय जांच कराने की मांग को लेकर बेगूसराय के सिविल सर्जन को स्पीड पोस्ट के माध्यम से सामूहिक आवेदन भेजा है.
ग्राम सभा में चयन प्रक्रिया के दौरान उठा मुद्दा
ग्रामीणों द्वारा भेजे गए आवेदन के अनुसार, वार्ड-11 में आशा कार्यकर्ता के रिक्त पद पर चयन के लिए 6 जून 2026 को मुखिया उषा देवी की अध्यक्षता में ग्राम सभा आयोजित की गई थी. इस प्रक्रिया में पांच महिलाओं ने आवेदन किया था, जिनमें सरिता कुमारी भी शामिल हैं.
मानसिक स्थिति की मेडिकल जांच कराने की मांग
आवेदन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरिता कुमारी मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और पूर्व में इसी कारण उन्हें जीविका समूह के कार्य से भी हटाया जा चुका है. ग्रामीणों का तर्क है कि आशा कार्यकर्ता का पद सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य और सेवाओं से जुड़ा हुआ है, इसलिए चयन से पूर्व संबंधित अभ्यर्थी की निष्पक्ष चिकित्सकीय जांच कराई जानी चाहिए.
जांच के बाद चयन प्रक्रिया पूरी करने की अपील
ग्रामीणों ने सिविल सर्जन से मांग की है कि अभ्यर्थी की विधिवत मेडिकल जांच कराई जाए और रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की चयन प्रक्रिया पूरी की जाए. इस सामूहिक आवेदन पर दयावंती कुमारी, हेमा कुमारी, रीता कुमारी, पूजा कुमारी समेत लगभग 100 ग्रामीणों के हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान दर्ज हैं.
वहीं, इस मामले में संबंधित अभ्यर्थी सरिता कुमारी या स्वास्थ्य विभाग की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
