Begusarai News : जिले में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में जिला प्रशासन ने नई पहल की तैयारी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने बुधवार को अपने कार्यालय में आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों से मुलाकात की. बैठक में कार्बन क्रेडिट के माध्यम से किसानों को वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई.
वृक्षारोपण को किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने पर जोर
बैठक के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आने वाले वर्षों में ऐसी प्रभावी नीति तैयार की जाए, जिसके माध्यम से किसान अपनी कृषि भूमि पर अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित हों. इसके साथ ही वृक्षारोपण को किसानों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी बनाने के विकल्पों पर भी विचार-विमर्श किया गया.
प्रति हेक्टेयर वृक्षारोपण के आधार पर मिलेगा लाभ
चर्चा में प्रति हेक्टेयर भूमि पर किए गए वृक्षारोपण के आधार पर किसानों को आर्थिक लाभ उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार किया गया. कार्बन क्रेडिट की व्यवस्था के जरिए पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन कम करने में योगदान देने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि अथवा अन्य आर्थिक लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में नीति तैयार की जा सकती है.
खेती के साथ आय का नया स्रोत बनने की उम्मीद
प्रस्तावित व्यवस्था से किसानों के लिए खेती से होने वाली आमदनी के अतिरिक्त वृक्षारोपण से भी आय का नया स्रोत विकसित होने की उम्मीद है. इससे किसानों को पेड़ लगाने के साथ ही उनकी देखभाल करने के लिए दीर्घकालिक प्रोत्साहन मिल सकता है.
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पर्यावरण संरक्षण के साथ मिलेगा दोहरा लाभ
जिला प्रशासन की इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. एक ओर बड़े पैमाने पर पौधारोपण होने से हरित क्षेत्र बढ़ेगा और कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी. वहीं दूसरी ओर किसानों को अपनी जमीन पर वृक्षारोपण के माध्यम से अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है.
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कार्बन क्रेडिट की गणना को नीति में किया जाएगा शामिल
विशेषज्ञों के साथ हुई चर्चा में आगामी वर्षों के लिए ऐसी नीति विकसित करने पर विचार किया गया, जिससे योजना को व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके. इसके लिए वृक्षारोपण, पेड़ों की देखभाल, कार्बन क्रेडिट की गणना और किसानों को मिलने वाले संभावित आर्थिक लाभ जैसे पहलुओं को नीति में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है.
पेड़ों के संरक्षण के लिए भी किसानों को किया जाएगा प्रोत्साहित
प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को केवल पौधे लगाने तक सीमित रखना नहीं, बल्कि पेड़ों के संरक्षण और उनकी देखभाल के लिए भी लगातार प्रोत्साहित करना है. यदि यह नीति प्रभावी रूप से लागू होती है तो किसानों की भूमि पर हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी नई गति मिल सकती है. जिला प्रशासन और आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों के बीच हुई चर्चा से आने वाले समय में बेगूसराय में वृक्षारोपण को आर्थिक गतिविधि से जोड़ने की दिशा में ठोस पहल की उम्मीद जगी है. इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ किसानों के लिए अतिरिक्त आय का रास्ता तैयार हो सकता है.
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