Begusarai News 🙁विकाश मिश्रा)बेगूसराय जिले के बखरी क्षेत्र में कोचिंग संस्थानों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं.अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा और भविष्य की उम्मीद में कोचिंग भेजते हैं.
लेकिन कई जगहों पर छात्र पढ़ाई छोड़ इन दिनों मोबाइल गेम फ्री फायर में समय बर्बाद करते नजर आ रहे हैं.
स्थानीय लोगों ने क्या बताया?
स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ कोचिंग संस्थानों में अनुशासन और निगरानी की भारी कमी है.छात्रों की उपस्थिति और पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय संचालकों का फोकस केवल फीस वसूली तक सीमित रह गया है.
इसका असर सीधे बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है.हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने इस समस्या को और उजागर कर दिया.वीडियो में बखरी बस स्टैंड के समीप गर्ल्स स्कूल वाली गली में संचालित एक कोचिंग संस्थान के आसपास छात्र मोबाइल पर फ्री फायर खेलते दिखाई दे रहे हैं.
ग्रामीणों और अभिभावकों ने क्या कहा?
लोगों का कहना है कि जिस जगह को कभी जुए के अड्डे के रूप में जाना जाता था,वहीं अब बच्चों के बीच ऑनलाइन गेमिंग का केंद्र बनता जा रहा है. ग्रामीणों और अभिभावकों का मानना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो कई छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है.
उनका कहना है कि शिक्षा के नाम पर केवल भीड़ जुटाना और बच्चों को बिना निगरानी छोड़ देना बेहद गंभीर मामला है.स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे कोचिंग संस्थानों की जांच कराई जाए और पढ़ाई के माहौल को सुनिश्चित किया जाए.साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे समय-समय पर यह जांच करते रहें कि उनके बच्चे वास्तव में पढ़ाई कर रहे हैं या मोबाइल गेम्स में उलझ रहे हैं.
विशेषज्ञों ने ऑनलाइन गेम की लत पर क्या कहा?
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन गेम की लत बच्चों की पढ़ाई,मानसिक स्थिति और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक असर डाल सकती है.ऐसे में परिवार,शिक्षक और प्रशासन तीनों की जिम्मेदारी बनती है कि बच्चों को सही दिशा दी जाए.
