Begusarai News🙁 विकाश मिश्रा) बेगूसराय जिले के बखरी प्रखंड की मोहनपुर पंचायत अंतर्गत गंगरहो वार्ड संख्या-9 का तरछुआ मुसहर टोला आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है.
अनुसूचित जाति बहुल इस बस्ती में रहने वाले अधिकांश परिवार बेहद गरीब हैं.झोपड़ीनुमा घरों में जीवन गुजार रहे लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या आज भी सड़क की है.
आज भी पगडंडीनुमा कच्ची सड़क के सहारे आवाजाही करने को मजबूर
टोला तक पहुंचने के लिए कोई सीधी सड़क नहीं है. ग्रामीण आज भी हेमनपुर शिवाला से स्वर्गीय रामनारायण महतो के घर होते हुए जाने वाली पगडंडीनुमा कच्ची राह के सहारे आवाजाही करने को मजबूर हैं. बरसात के दिनों में यह रास्ता कीचड़ और पानी से भर जाता है.
जिससे लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है.ग्रामीण बताते हैं कि करीब एक दशक पहले पंचायत योजना से यहां सड़क निर्माण की पहल हुई थी.सड़क के लिए मिट्टीकरण का काम भी कराया गया, लेकिन गांव के कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से गैर मजरुआ जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य का विरोध किए जाने के कारण सड़क अधूरी रह गई.तब से मामला जस का तस पड़ा है.
टोला में नल-जल योजना पहुंच चुकी है पर सड़क नहीं हैं
हालांकि टोला में नल-जल योजना पहुंच चुकी है और लोगों को पेयजल का लाभ मिल रहा है.अधिकांश परिवारों के पास राशन कार्ड भी है. जिससे किसी तरह दो वक्त की रोटी का इंतजाम हो जाता है. पांचवीं कक्षा तक का एक सरकारी विद्यालय भी है,जबकि बिजली व्यवस्था भी जर्जर स्थिति में सही,लेकिन मौजूद है.इसके बावजूद सड़क नहीं रहने से विकास की तस्वीर अधूरी नजर आती है.
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई जरूरतमंद परिवारों को अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है.संतोष सदा,देवनारायण सदा,शत्रुघ्न सदा,पप्पू सदा और अजय सदा समेत दर्जनों लोगों ने आवास योजना से वंचित रहने की शिकायत की है.
उपमुखिया ने कहा कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करते हैं
पूर्व उपमुखिया ने कहा कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करते हैं. लेकिन बाद में टोला की सुध लेने वाला कोई नहीं होता. उनके अनुसार सड़क निर्माण को लेकर आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने गंभीर पहल नहीं की है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि हल्की बारिश में भी रास्ता चलने लायक नहीं रहता हैं. फिर भी मजबूरी में लोग उसी रास्ते से आना-जाना करते हैं.वहीं राजकुमारी देवी ने स्थानीय बोली में अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि गरीब लोग पानी और कीचड़ से होकर आने-जाने को मजबूर हैं.
मुखिया और सरपंच नहीं सुनते हैं
लेकिन उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है.ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि बरसात के दिनों में बच्चों के साथ कीचड़ भरे रास्ते से बाजार जाना बेहद मुश्किल हो जाता है.
मुखिया और सरपंच से कई बार गुहार लगाई गई,लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला.ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द सड़क निर्माण कर टोला को मुख्य सड़क से जोड़ा जाए,ताकि बरसों से चली आ रही परेशानी से उन्हें राहत मिल सके.
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