बीहट. डीएवी बरौनी का वार्षिकोत्सव जेनिथ-26 बुधवार की शाम हर्ल उपनगरी स्थित विद्यालय परिसर में समारोहपूर्वक मनाया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बेगूसराय रीजन के डीआइजी शैलेश कुमार सिन्हा, विशिष्ट अतिथि हर्ल के बरौनी इकाई हेड नितीन सक्सेना और विशेष अतिथि के रूप में सीआइएसएफ, बरौनी यूनिट के डिप्टी कमांडेंट आकाश सक्सेना सहित कमल किशोर सिन्हा, सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी जोन-डी, डीएवी बेगुसराय जोन डी, नीरज कुमार प्रबंधक सह सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी जोन-जी के साथ बरौनी डीएवी प्राचार्य सर्वेश्वर भुजबल ने संयुक्त रूप से वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच ज्ञान दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया. उनके साथ नीरज कुमार सहायक क्षेत्रीय निदेशक बिहार जोन समस्तीपुर, सविता, अनिल कुमार सिंह, सुधा झा, मृणाल कांत, शभास्कर दास कमांडेंट फायर एनटीपीसी, विशाल वैभव, संजय कुमार सिंह, प्रख्यात कलाकार चंद्र प्रकाश झा चंदू, सुदामा गोस्वामी, आर के त्रिपाठी, हर्ल एचआर मनीष कुमार सहित अन्य मौजूद थे. इस मौके पर मुख्य अतिथि डीआइजी शैलेश कुमार सिंहा ने डीएवी बरौनी के विद्यालयी व्यवस्था की सराहना करते हुए बच्चों से कहा शैक्षणिक योग्यता के अलावा खेल और संगीत में भी दक्षता हासिल करें और समाज के विकास में अपनी सहभागिता दें. अभिभावकों से कहा कि आपके बच्चे सुरक्षित हाथों में हैं. यहां शिक्षक सिर्फ पढ़ाते ही नहीं है बल्कि जीवन जीने का तरीका भी बताते हैं और उन्हें बेहतर इंसान भी बनाते हैं. भव्य आयोजन के लिए डीएवी बरौनी के प्राचार्य को साधुवाद देते हुए आश्वासन दिया कि डीएवी कालेज प्रबंधन कमिटी स्कूल की बेहतरी के लिए मार्गदर्शन के साथ हरसंभव सहयोग भी करेगा. डिप्टी कमांडेंट आकाश सक्सेना ने डीएवी बरौनी का इतिहास देख सुन कर गौरव की अनुभूति हो रही है.वहीं प्राचार्य सर्वेश्वर भुजबल ने आगत अतिथियों का स्वागत और वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विद्यालय की 42 वर्षों का गौरवशाली इतिहास और विद्यालय की समस्त विधाओं की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मुझे आज गौरव की अनुभूति हो रही है. कार्यक्रम को अन्य अतिथियों ने भी संबोधित करते हुए बेहतर भविष्य की शुभकामना दी.
गीत-संगीत व नृत्य की प्रस्तुति से सबका मन मोहा
इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन में बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत गीत-संगीत, नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति पेश की. जिसकी अभिभावकों व अतिथियों ने करतल ध्वनि से स्वागत और मुक्त कंठ से प्रशंसा की. खासकर समूह नृत्य के द्वारा जय जय भैरवी असुर भयावनी, मुठ्ठी में कुछ सपने, जब मैं छोटा बच्चा था, रंगीला रंगीला और अनाज की बर्बादी जैसे कार्यक्रम को लोगों ने खूब पसंद किया. वहीं पुराने सदाबहार गीतों की पैरोडी पर छोटे-छोटे बच्चों की प्रस्तुति को दर्शकों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया. गीत पर बच्चों द्वारा पिरामिड की संरचना उपस्थित लोगों के बीच देशभक्ति का भाव गहरा कर गया. इस अवसर पर विद्यालय के विभिन्न विधाओं के उत्कृष्ट बच्चों को पुरस्कृत किया गया. कार्यक्रम का संचालन बबीता एवं श्रीमती नम्रता सिन्हा के साथ-साथ विद्यालय के बच्चों द्वारा किया गया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
