गंगा नदी के जलस्तर में कमी के बावजूद बछवाड़ा प्रखंड स्थित दियारे इलाके के पांच पंचायतों दादूपुर, बिशनपुर, चमथा एक, दो व तीन पंचायत की हालात में सुधार नहीं हुआ है. पंचायत को जोड़ने वाली सड़कों पर भी पानी भरा हुआ है. जिस कारण लोगों को आने जाने में काफी परेशानी हो रही है.
सड़कों पर पानी और आवागमन की समस्या
बाढ़ पीड़ित सरस्वती देवी, मंजू देवी, कामिनी देवी, शांति देवी, दामोदर बिंद, जितेंद्र पासवान, प्रमोद यादव, राजो राय, दुखित राम, मुंशी राय, दुखों पासवान, अनिल कुमार, मनीष कुमार, संजय राय, सुरज पासवान, गिरधारी राय व नागेश्वर राय ने बताया कि गंगा के पानी में कमी आने के बावजूद परेशानी का सबब बना हुआ है. जब पानी अधिक था, तो हमलोग नाव से किसी तरह एक-दूसरे जगह जाते थे, लेकिन पानी कम होने के बाद पैदल ही पानी होकर जाना पड़ता है.
पशु चारे का संकट और बीमारी का खतरा
बाढ़ आने से खेतों में फसल के साथ-साथ मवेशी का चारा पहले ही डूब गया. ऐसी स्थिति में सूखे चारे से किसी तरह मवेशी को आधा पेट भोजन देकर जिंदा रखे हुए हैं. वर्तमान समय में राशन हो या फिर अन्य सामग्री लाने के लिए सोचना पड़ता है.
वर्तमान समय में घर के आसपास पानी का जलजमाव है जो दुर्गंध करता है, जिससे गांव में रहना मुश्किल है. ऐसी स्थिति में बीमार होने का खतरा अधिक हो जाता है.
विद्यालयों व स्वास्थ्य केंद्र में जलभराव
बाढ़ का पानी घर के आसपास रहने से विषैले जीवों का खतरा हमेशा बना रहता है. स्थानीय उप स्वास्थ्य केंद्र चमथा समेत विभिन्न विद्यालयों में करीब दो से तीन फुट पानी है, जिसे निकलने में समय लगेगा.
जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी
उन्होंने जनप्रतिनिधि पर तंज कसते हुए कहा कि दियारे की पांच पंचायत में बाढ़ आने से लगभग सत्तर हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए, लेकिन हमारे विधायक बाढ़ पीड़ितों से मिलने नहीं पहुंचे और ना ही बेगूसराय सांसद ही पहुंच सके. जब चुनाव का समय आता है तो सब के सब हाथ जोड़े रहते हैं, लेकिन बाढ़ के दौरान एक बार भी हाल-चाल पूछने नहीं पहुंचे.
